Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : सरकारी योजनाओं और विकास के दावों के बीच जामताड़ा प्रखंड के गोपालपुर पंचायत स्थित आदिवासी बहुल कदम पाड़ा गांव की तस्वीर कई सवाल खड़े करती है। करीब 20 से 25 परिवारों और लगभग 250 की आबादी वाला यह गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से योजनाओं का लाभ पाने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। शनिवार को जामताड़ा के अंचलाधिकारी (सीओ) सह प्रभारी बीडीओ अनाथ बच्चों की स्थिति का जायजा लेने गांव पहुंचे थे। अधिकारियों के पहुंचते ही ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं। इस दौरान गांव में व्याप्त गरीबी, जर्जर आवास और योजनाओं की पहुंच से दूर लोगों की स्थिति उजागर हो गई।
अबुआ आवास और पीएम आवास का नहीं मिला लाभ
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के किसी भी परिवार को अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना या अबुआ आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। गांव में अधिकांश लोग खपरैल और पुआल से बने पुराने मकानों में रहने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में इन घरों में रहने वाले परिवारों की परेशानी और बढ़ जाती है।
मैया सम्मान योजना से भी अधिकांश महिलाएं वंचित
ग्रामीणों के अनुसार राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मैया सम्मान योजना का लाभ भी गांव की केवल तीन-चार महिलाओं को ही मिल पाया है। अधिकांश पात्र महिलाएं अब भी योजना के दायरे से बाहर हैं। लोगों का आरोप है कि आवेदन के दौरान विभिन्न दस्तावेजों की कमी बताकर उन्हें बार-बार लौटाया जाता है।

पंचायत कर्मियों पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों ने पंचायत स्तर के कर्मचारियों और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि वर्षों से योजनाओं के लिए चक्कर लगाने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। वहीं दौरे के दौरान कुछ पंचायत कर्मियों द्वारा यह स्वीकार किए जाने की भी चर्चा रही कि वे पहली बार इस गांव तक पहुंचे हैं, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई।
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विकास की मुख्यधारा से कटे होने का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, आवास, सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण गांव आज भी विकास की मुख्यधारा से दूर है। अधिकारियों के दौरे के बाद लोगों को उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं पर ध्यान दिया जाएगा और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच सकेगा।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

