किताब देने के बहाने छात्रा से छेड़छाड़ करने वाले शिक्षक को 3 साल की सजा, जामताड़ा कोर्ट का फैसला

Rupa Kumari | June 26, 2026 | 03:37 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : जामताड़ा की विशेष अदालत ने नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी शिक्षक भागीरथ महतो को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। जिला जज प्रथम सह विशेष न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद यह फैसला दिया।

किताब देने के बहाने की थी हरकत

मामला 30 अगस्त 2023 का है। शिकायत के अनुसार, नाबालिग छात्रा स्कूल में किताब लेने गई थी। आरोपी शिक्षक ने उसे छुट्टी के बाद किताब देने की बात कही। आरोप है कि स्कूल खाली होने के बाद शिक्षक ने छात्रा को एक कमरे में बंद कर उसके साथ छेड़छाड़ की। छात्रा किसी तरह वहां से निकलकर घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन शिकायत लेकर आरोपी के घर पहुंचे, लेकिन शिक्षक ने आरोप स्वीकार करने के बजाय उनके साथ गाली-गलौज की और उन्हें भगा दिया। घटना के बाद बिंदापाथर थाना में कांड संख्या 60/2023 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 11 गवाहों को पेश किया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया।

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विभिन्न धाराओं में सुनाई गई सजा

न्यायालय ने हरनादह निवासी शिक्षक भागीरथ महतो को अलग-अलग धाराओं के तहत सजा और जुर्माने से दंडित किया है। भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 के तहत 3 वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत भी 3 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। जुर्माना नहीं भरने पर 6 महीने की अतिरिक्त कैद होगी। IPC की धारा 341 के तहत 1 महीने का कारावास और 500 रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर 15 दिन की अतिरिक्त जेल होगी। अदालत के इस फैसले को बच्चों के खिलाफ अपराधों पर सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

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