Samachar Post रिपोर्टर, रांची : रांची की एक विशेष अदालत ने यौन उत्पीड़न के एक मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी युवक को बरी कर दिया है। करीब 16 महीने तक जेल में रहने के बाद अदालत ने मनीष कुमार को सभी आरोपों से मुक्त करते हुए रिहाई का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर साबित करने में असफल रहा।
सुनवाई में सामने आए नए तथ्य
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। अदालत को बताया गया कि शिकायतकर्ता परिवार के भीतर पहले से विवाद की स्थिति थी। सुनवाई के दौरान यह भी उल्लेख किया गया कि 35 हजार रुपये को लेकर पक्षों के बीच विवाद की बात सामने आई थी। अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर यह तथ्य उभरा कि मामला आपसी विवाद से जुड़ा हुआ हो सकता है। हालांकि अदालत ने अपने निर्णय में मुख्य रूप से उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर ही फैसला सुनाया।
गवाहों के बयान में मिले विरोधाभास
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के प्रमुख गवाहों और अन्य साक्ष्यों में कई विरोधाभास सामने आए। अदालत ने पाया कि आरोपों की पुष्टि करने वाले पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। पहचान और घटना से जुड़े कई तथ्यों पर भी सवाल उठे। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रस्तुत साक्ष्य आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने मनीष कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जहां वह लगभग 16 महीने तक जेल में रहा।
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अदालत ने निष्पक्ष जांच पर दिया जोर
फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने कहा कि यौन उत्पीड़न जैसे मामलों की जांच और सुनवाई अत्यंत संवेदनशीलता के साथ की जानी चाहिए। हालांकि संवेदनशीलता का अर्थ यह नहीं है कि साक्ष्यों और जांच की कानूनी कसौटी को नजरअंदाज कर दिया जाए। अदालत ने कहा कि जितना गंभीर अपराध का आरोप होगा, उसकी जांच भी उतनी ही निष्पक्ष, गहन और साक्ष्य आधारित होनी चाहिए। न्यायालय ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं हो सके। ऐसे में कानून के सिद्धांतों के अनुसार आरोपी को संदेह का लाभ दिया गया। इसी आधार पर अदालत ने मनीष कुमार को सभी आरोपों से बरी करते हुए रिहा करने का आदेश दिया।

Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

