बिहार टेंडर घोटाला: दो IAS अधिकारियों पर SVU की नजर, विदेश यात्राओं और दस्तावेजों की हो रही जांच

Meenu | June 19, 2026 | 02:52 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,पटना :बिहार में सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितता और कमीशनखोरी के मामले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। मामले के मुख्य आरोपी रिशुश्री की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी उन अधिकारियों और अन्य लोगों तक पहुंच रही है, जिनके नाम पूछताछ के दौरान सामने आए हैं। इसी कड़ी में निलंबित आईएएस अधिकारियों योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा के आवासों पर जांच की गई। वहीं रिशुश्री से जुड़ी कंपनी मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार के ठिकाने पर भी छापेमारी की गई।

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अभिलाषा शर्मा से मांगे गए यात्रा और पासपोर्ट से जुड़े दस्तावेज

SVU की टीम ने बेली रोड स्थित आईएएस अधिकारी अभिलाषा शर्मा के सरकारी आवास पर पहुंचकर कई दस्तावेजों की जांच की। जांच एजेंसी ने उनसे विदेश यात्राओं, पासपोर्ट रिकॉर्ड और यात्रा खर्च से संबंधित जानकारी मांगी है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनकी विभिन्न यात्राओं का खर्च किसने वहन किया था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इन यात्राओं का किसी कारोबारी या ठेकेदार से कोई संबंध था। जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि अभिलाषा शर्मा किन-किन महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रही हैं और उन पदों से जुड़े निर्णयों का रिशुश्री या उससे संबंधित कंपनियों को कोई लाभ मिला या नहीं। अधिकारियों के अनुसार, इस स्तर पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है।

रिशुश्री की डायरी और उपहारों के रिकॉर्ड की जांच

SVU की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रिशुश्री की कथित डायरी और उसमें दर्ज उपहारों तथा लेन-देन से जुड़ी जानकारियां भी हैं। जांच एजेंसी यह सत्यापित करने का प्रयास कर रही है कि डायरी में जिन उपहारों, खर्चों या अन्य सुविधाओं का उल्लेख किया गया है, उनका वास्तविक आधार क्या है और क्या वे संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचे थे।

योगेश सागर के आवास पर भी दस्तावेज खंगाले गए

निलंबित आईएएस अधिकारी योगेश सागर के आवास पर भी SVU की टीम ने दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की। सूत्रों के अनुसार, जांच का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि जिन विभागों या परियोजनाओं में वे तैनात रहे, वहां सरकारी टेंडरों की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई थी या नहीं। बताया जा रहा है कि जांच टीम कई सवालों की सूची के साथ पहुंची थी और विभिन्न दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।

गिरफ्तारी के बाद दोनों अधिकारियों को किया गया था निलंबित

रिशुश्री की गिरफ्तारी के बाद ही योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा को निलंबित कर दिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच के दौरान मिले कुछ डिजिटल रिकॉर्ड, चैट और दस्तावेजों में दोनों अधिकारियों का उल्लेख होने की बात सामने आई थी। हालांकि इन दावों की जांच अभी जारी है और एजेंसी सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है।

मातृस्वा इंफ्रा के निदेशक के ठिकाने पर भी कार्रवाई

SVU की टीम ने मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार के आवास पर भी जांच की। एजेंसी कंपनी से जुड़े दस्तावेजों, टेंडर रिकॉर्ड, अनुबंधों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है। जांचकर्ताओं का मानना है कि कंपनी के दस्तावेजों से टेंडर आवंटन प्रक्रिया और संभावित वित्तीय संबंधों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

जांच जारी, कई और खुलासों की संभावना

SVU फिलहाल मामले से जुड़े दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। एजेंसी की कार्रवाई से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में इस बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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