राज्यसभा चुनाव परिणाम से पहले राधाकृष्ण किशोर का बड़ा दावा, बोले- प्रणव झा को मिलेंगे 28.97 वोट

Rupa Kumari | June 18, 2026 | 05:26 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच राज्य के वित्त मंत्री और कांग्रेस विधायक राधाकृष्ण किशोर ने कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की जीत को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि प्रणव झा को 28.97 वोट प्राप्त होंगे और उनकी जीत लगभग तय है। मतगणना शुरू होने से पहले आए इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। विभिन्न दल जहां अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत का दावा कर रहे हैं, वहीं राधाकृष्ण किशोर ने वोटों का संभावित आंकड़ा बताकर चुनावी माहौल को और रोचक बना दिया है।

इंडिया गठबंधन को अपने संख्या बल पर भरोसा

झारखंड विधानसभा में इंडिया गठबंधन फिलहाल मजबूत स्थिति में माना जा रहा है। 81 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन के पास कुल 56 विधायकों का समर्थन है। इनमें झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 4 और भाकपा माले के 2 विधायक शामिल हैं। इसी संख्या बल के आधार पर गठबंधन ने राज्यसभा की दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। झामुमो की ओर से बैद्यनाथ राम और कांग्रेस की ओर से प्रणव झा चुनाव मैदान में हैं। गठबंधन के नेता लगातार दोनों उम्मीदवारों की जीत का दावा कर रहे हैं।

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परिमल नाथवानी पर NDA का दांव

दूसरी ओर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) भी चुनावी मुकाबले में पूरी ताकत के साथ मैदान में है। एनडीए के पास कुल 24 विधायकों का समर्थन है, जिसमें भाजपा के 21, आजसू के 1, जदयू के 1 और लोजपा (रामविलास) के 1 विधायक शामिल हैं। इन्हीं वोटों के आधार पर एनडीए ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को समर्थन दिया है। हालांकि संख्या बल के हिसाब से उनकी राह चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन एनडीए के नेता उनकी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं।

दूसरी प्राथमिकता के वोटों पर भी नजर

राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 28 वोट का आंकड़ा महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में राधाकृष्ण किशोर का 28.97 वोट मिलने का दावा राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान दूसरी प्राथमिकता के वोट मिलने की संभावना की ओर भी संकेत करता है। कांग्रेस नेताओं का विश्वास है कि उनके उम्मीदवार को अपेक्षित समर्थन मिलेगा और वह आसानी से जीत दर्ज करेंगे। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी राजनीतिक दलों की निगाहें मतगणना पर लगी हुई हैं। कुछ ही घंटों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि चुनावी गणित और नेताओं के दावे कितने सही साबित होते हैं। फिलहाल झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और अंतिम फैसला मतगणना के नतीजों के साथ सामने आएगा।

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