10 साल पुराने विनय महतो हत्याकांड में नया मोड़, CBI की क्लोजर रिपोर्ट को कोर्ट में दी चुनौती

Rupa Kumari | June 12, 2026 | 12:47 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के बहुचर्चित विनय महतो हत्याकांड में एक बार फिर कानूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। करीब दस साल पुराने इस मामले में सीबीआई द्वारा दाखिल क्लोजर रिपोर्ट को मृतक छात्र के पिता ने अदालत में चुनौती दी है। रांची सिविल कोर्ट स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में शुक्रवार को इस संबंध में दायर प्रोटेस्ट पिटीशन पर सुनवाई हुई।

क्लोजर रिपोर्ट पर उठे सवाल

सुनवाई के दौरान मृतक छात्र विनय महतो के पिता मनबहाल महतो की ओर से अधिवक्ता खुशबू कटारुका ने अदालत में अपना पक्ष रखा। उन्होंने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर अभी भी स्पष्टता नहीं है और मामले की जांच को पूरी तरह संतोषजनक नहीं माना जा सकता। हालांकि समयाभाव के कारण बहस पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह के लिए निर्धारित कर दी है।

अगली सुनवाई में होगा महत्वपूर्ण फैसला

अब आगामी सुनवाई में दोनों पक्ष अपनी दलीलें विस्तार से पेश करेंगे। इसके बाद अदालत यह तय करेगी कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की जाए या मामले में आगे जांच अथवा अन्य कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है। यह मामला 4 फरवरी 2016 का है। रांची स्थित सफायर इंटरनेशनल स्कूल के परिसर में बने शिक्षक-शिक्षिकाओं के हॉस्टल में आठवीं कक्षा के छात्र विनय महतो की हत्या कर दी गई थी। अगले दिन 5 फरवरी को उसका शव बरामद हुआ था। इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था और स्कूल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।

शुरुआती जांच में कौन थे आरोपी?

मामले की प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने स्कूल की शिक्षिका नाजिया, उनके पति मोहम्मद आरिफ और उनके दो बच्चों को आरोपी बनाया था। बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। लंबी जांच के बाद सीबीआई ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी, लेकिन मृतक के परिजनों ने इस रिपोर्ट पर असहमति जताते हुए प्रोटेस्ट पिटीशन दायर कर दी।

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फिर चर्चा में आया मामला

प्रोटेस्ट पिटीशन पर सुनवाई शुरू होने के साथ ही विनय महतो हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। अब सभी की निगाहें सीबीआई की विशेष अदालत के अगले फैसले पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि मामला यहीं समाप्त होगा या फिर जांच और कानूनी प्रक्रिया का नया दौर शुरू होगा।

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