पेंशन भुगतान के लिए आकस्मिकता निधि से ₹3662 करोड़ निकालने पर सियासी घमासान, तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा

Rupa Kumari | June 10, 2026 | 04:07 PM IST

Samachar Post डेस्क, पटना : बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की राशि लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर होने से पहले राज्य की राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पेंशन भुगतान के लिए आकस्मिकता निधि से ₹3662 करोड़ निकालने के कैबिनेट फैसले पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए तेजस्वी यादव ने पूछा कि क्या बिहार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो चुकी है और क्या सरकार को नियमित योजनाओं के लिए भी आकस्मिकता निधि का सहारा लेना पड़ रहा है।

आकस्मिकता निधि से पेंशन भुगतान पर उठे सवाल

तेजस्वी यादव का दावा है कि बिहार कैबिनेट ने मई, जून और जुलाई 2026 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान के लिए आकस्मिकता निधि से ₹3662 करोड़ निकालने को मंजूरी दी है। इधर, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार आज सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत लाखों लाभार्थियों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से ₹1100 मासिक पेंशन राशि भेजने जा रही है। इस योजना का लाभ वृद्धजन, दिव्यांग और विधवा पेंशनधारकों को मिलेगा। राज्य सरकार पहले ही यह निर्णय ले चुकी है कि प्रत्येक महीने की 10 तारीख को लाभार्थियों के खातों में पेंशन राशि भेजी जाएगी।

सरकार पर लगाए कई गंभीर आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में पिछले कई महीनों से कर्मचारियों के वेतन और पेंशन भुगतान में देरी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों के भुगतान लंबित हैं और कई स्वीकृत विकास योजनाएं अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। तेजस्वी यादव ने यह भी दावा किया कि छात्रवृत्ति, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और अन्य कल्याणकारी योजनाएं भी फंड की कमी से प्रभावित हो रही हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि वित्तीय दबाव के कारण बिहार राज्य फसल सहायता योजना को बंद करने का निर्णय लिया गया है।

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मुख्यमंत्री से मांगा जवाब

तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि वर्षों से केंद्र और राज्य में एक ही गठबंधन की सरकार होने के बावजूद सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए आकस्मिकता निधि का उपयोग करना पड़ रहा है, तो सरकार को इसकी वजह जनता के सामने स्पष्ट करनी चाहिए।उन्होंने मुख्यमंत्री से बिहार की वास्तविक वित्तीय स्थिति पर जवाब देने और लोगों के बीच उत्पन्न हो रही आशंकाओं को दूर करने की मांग की।इस बीच राज्य के लाखों वृद्ध, दिव्यांग और विधवा पेंशनधारकों की नजर आज होने वाले DBT ट्रांसफर पर टिकी हुई है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच सरकार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन को लेकर विपक्ष के निशाने पर आ गई है।

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