तमाड़ में डालसा का जागरूकता अभियान, अनाथ बच्चों की सहायता और नशामुक्त समाज पर दिया गया जोर

Rupa Kumari | June 4, 2026

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) रांची की ओर से 90वें विधिक जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को तमाड़ प्रखंड के रायडीह गांव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। यह अभियान झारखंड राज्य विधिक सेवा लिथुआनिया (झालसा) के निर्देश पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन संबंधित अधिकारियों के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें डालसा के पदाधिकारियों और पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLV) ने भाग लिया।

शिशु योजना से अनाथ बच्चों को मिलेगा सहारा

कार्यक्रम के दौरान पीएलवी मानव कुमार ने झालसा की “शिशु योजना” की जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना उन बच्चों के लिए संचालित की जा रही है, जिन्होंने कोरोना महामारी या अन्य कारणों से अपने माता-पिता अथवा परिवार के कमाऊ सदस्य को खो दिया है। उन्होंने कहा कि योजना के तहत ऐसे बच्चों को आर्थिक, सामाजिक और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही उन्हें बाल श्रम, बाल तस्करी और अन्य प्रकार के शोषण से बचाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाते हैं।

नशामुक्त समाज के लिए डॉन योजना पर जोर

पीएलवी सोनामनी देवी ने “डॉन योजना” के बारे में जानकारी देते हुए लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें नशे की लत से दूर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज की जागरूकता और परिवार की सतर्कता से ही नशे जैसी सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ किया जागरूक

कार्यक्रम में बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी और डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों पर भी चर्चा की गई। पीएलवी पूजा कुमारी ने ग्रामीणों को इन मुद्दों के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता के लिए लोग जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क मदद प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, स्पॉन्सरशिप योजना और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई।

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राष्ट्रीय लोक अदालत की दी जानकारी

अभियान के दौरान लोगों को आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से कई मामलों का त्वरित, सरल और सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटारा किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों के बीच कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं से संबंधित पंपलेट एवं जागरूकता सामग्री वितरित की गई। डालसा की ओर से लोगों से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और जरूरत पड़ने पर निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ उठाने की अपील की गई।

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