पश्चिम बंगाल के सालानपुर औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों का प्रदर्शन, कई फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप

Samachar Post डेस्क,रांची :पश्चिम बंगाल के सालानपुर ब्लॉक स्थित देंदुआ-कल्याणेश्वरी औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार सुबह से श्रमिकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई फैक्ट्रियों के कर्मचारी सुबह से ही कारखानों के मुख्य द्वारों पर जुटकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। अचानक शुरू हुए इस कार्य बहिष्कार के कारण इलाके की कई औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन प्रभावित हो गया है। प्रदर्शन की वजह से फैक्ट्री संचालन और कामकाज पर असर पड़ा है।

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एक सप्ताह पहले भी हुआ था आंदोलन

श्रमिकों का कहना है कि करीब एक सप्ताह पहले भी इसी औद्योगिक क्षेत्र में बड़े स्तर पर आंदोलन हुआ था। उस दौरान एलोक्वेंट फैक्ट्री के मानव संसाधन (HR) विभाग ने कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया था। हालांकि कर्मचारियों का आरोप है कि एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी के विरोध में श्रमिकों ने शुक्रवार को काम बंद कर आंदोलन तेज कर दिया।

श्रमिकों की प्रमुख मांगें

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कई मांगें रखी हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • 8 घंटे की निर्धारित ड्यूटी लागू करना
  • सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन का समय पर भुगतान
  • महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण
  • जोखिमपूर्ण कार्यों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपकरण
  • स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता

श्रमिकों का कहना है कि वे लंबे समय से शोषण का सामना कर रहे हैं और अब उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई जरूरी है।

पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा

स्थिति को नियंत्रित करने और उत्पादन बहाल कराने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से श्रमिकों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच बातचीत कराने की कोशिश की जा रही है। हालांकि प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित और सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

दूसरे कारखानों तक फैल सकता है आंदोलन

श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो क्षेत्र की अन्य फैक्ट्रियों के कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में पूरे औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन और कामकाज पर व्यापक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

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