विदेश भेजने और नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर ठगी का आरोप, सारथी योजना से जुड़े सेंटर पर विवाद

Rupa Kumari | May 20, 2026 | 02:07 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,पाकुड़ : पाकुड़ में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सारथी योजना से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि योजना के तहत संचालित JRS Technology Private Limited ने साहिबगंज और पाकुड़ के गरीब छात्रों से नौकरी और विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की वसूली की। मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। दर्जनों छात्रों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच और न्याय की मांग की है।

विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर वसूली का आरोप

पीड़ित छात्रों का आरोप है कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें नौकरी और विदेश में रोजगार के बड़े-बड़े सपने दिखाए गए। इसी दौरान कई छात्रों से अलग-अलग रकम ली गई। छात्रों के मुताबिक विशाल प्रजापति नामक व्यक्ति ने खुद को सऊदी अरब के बड़े ठेकेदार का बेटा बताकर वीजा और टिकट के नाम पर पैसे वसूले। आरोप है कि छात्र निवेक रवानी से करीब 1 लाख 5 हजार 900 रुपये लिए गए। वहीं अन्य छात्रों से प्लेसमेंट के नाम पर 1,000 रुपये से लेकर 11,000 रुपये तक की राशि ली गई।

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प्रमाण पत्र मांगने पर दुर्व्यवहार का आरोप

छात्र दीपक कुमार ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने प्रमाण पत्र की मांग की तो प्रोजेक्ट मैनेजर मोहम्मद आसिफ इकबाल खान ने उनके साथ गाली-गलौज की और धमकी दी। छात्रों का कहना है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बावजूद उन्हें अब तक न तो प्रमाण पत्र मिला है और न ही नौकरी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी दी गई है। छात्रों के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 नवंबर 2025 को शुरू हुआ था और 22 फरवरी 2026 को समाप्त हो गया। इसके बाद से छात्र लगातार प्रमाण पत्र और नौकरी को लेकर भटक रहे हैं। पीड़ितों का आरोप है कि 18 मई को जब वे सेंटर पहुंचे तो उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया।

राजद जिलाध्यक्ष ने दी कार्रवाई की चेतावनी

मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जनता दल के पाकुड़ जिलाध्यक्ष महावीर मड़ैया सेंटर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संस्थान प्रबंधन से कहा कि दो महीने के भीतर लंबित परीक्षाएं पूरी कर छात्रों को राहत दी जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जांच में वसूली और धमकी के आरोप सही पाए गए तो प्रशासन और विभागीय मंत्री से सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी। वहीं JRS Technology Private Limited के प्रोजेक्ट मैनेजर मोहम्मद आसिफ इकबाल खान ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि तकनीकी कारणों से परीक्षा और प्रमाण पत्र में देरी हुई है और जल्द प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थान की छवि खराब करने के लिए गलत बातें फैलाई जा रही हैं।

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