Samachar Post रिपोर्टर, रांची: हाईकोर्ट ने रजरप्पा मंदिर के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने मंदिर के कायाकल्प कार्य को जल्द शुरू करने पर जोर देते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) छह सप्ताह के भीतर पेश करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान ‘चड्ढा एसोसिएट’ की ओर से राजीव चड्ढा ने मंदिर परिसर के मास्टर प्लान का प्रेजेंटेशन दिया। कोर्ट के समक्ष वीडियो, फोटोग्राफ और नक्शों के जरिए भविष्य की योजना प्रस्तुत की गई। प्रस्तावित परियोजना पर करीब 80 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान जताया गया है।
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हाईकोर्ट ने दिए अहम निर्देश
जस्टिस सुजित नारायण प्रसाद और जस्टिसअनुभा रावत चौधरी की खंडपीठ ने कहा कि मंदिर सौंदर्यीकरण का काम जल्द शुरू होना चाहिए। अदालत ने छह सप्ताह के भीतर DPR दाखिल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान रामगढ़ के उपायुक्त अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कोर्ट को बताया कि मंदिर परिसर में प्रभावित होने वाले 254 दुकानदारों के लिए अगले 15 दिनों के भीतर अस्थायी व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा स्थायी पुनर्वास के लिए 3.8 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है, जहां दुकानें और पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे।
पुरानी योजना को फिर मिली रफ्तार
प्रार्थी पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि मंदिर विकास की योजना नई नहीं है। वर्ष 2002 में इसके लिए 125 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी। इसके बाद 2017-18 में DPR तैयार हुआ और 2018 में करीब 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिली थी, लेकिन योजना आगे नहीं बढ़ सकी। मामले की अगली सुनवाई 30 जून को होगी। कोर्ट ने उस दिन भी रामगढ़ उपायुक्त को उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
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