Samachar Post रिपोर्टर,जमशेदपुर: जमशेदपुर के पुराना कोर्ट कैंपस में फोटोकॉपी दुकान की आड़ में कथित तौर पर फर्जी एफिडेविट तैयार किए जाने के मामले का खुलासा हुआ है। इस मामले को लेकर अधिवक्ताओं के बीच नाराजगी देखी जा रही है। अधिवक्ताओं के एक समूह ने आरोपी संचालकों को पकड़कर बार काउंसिल पदाधिकारियों के सामने पेश किया और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
फोटोकॉपी दुकानों में चल रहा था संदिग्ध काम
जानकारी के अनुसार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय और परिवहन विभाग की बाउंड्री के सामने स्थित कुछ फोटोकॉपी दुकानों में लंबे समय से संदिग्ध तरीके से एफिडेविट तैयार किए जा रहे थे। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक व्यक्ति के पास कथित रूप से फर्जी दस्तावेज पाए गए। इसके बाद अधिवक्ताओं का एक समूह संबंधित दुकान पर पहुंचा और वहां मौजूद दस्तावेजों की जांच शुरू की।
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जांच में मिले संदिग्ध दस्तावेज
जांच के दौरान कई संदिग्ध और अवैध दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए एफिडेविट तैयार किए जा रहे थे, जिससे सरकारी दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मौके पर “कन्हैया सत्तू” नाम से दुकान संचालित करने वाले एक युवक को पकड़कर पूछताछ भी की गई।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
अधिवक्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। घटना सामने आने के बाद कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।