Samachar Post रिपोर्टर, रांची :रांची में चर्चित टेंडर कमीशन घोटाले से जुड़े मामले में एक और अहम घटनाक्रम सामने आया है। मामले के आरोपी रिटायर्ड एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने पीएमएलए की विशेष अदालत में सरेंडर कर दिया। सरेंडर के तुरंत बाद अदालत ने आरोपी को सशर्त जमानत दे दी। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि आरोपी को मामले की हर सुनवाई में उपस्थित रहना होगा। उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर बेल मिली है।
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जांच के दबाव में अदालत पहुंच रहे आरोपी
इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब एक-एक कर आरोपी अदालत में सरेंडर कर रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पूरक प्रॉसीक्यूशन शिकायत दाखिल किए जाने के बाद कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ संज्ञान लेते हुए समन जारी किया था। इसके बाद कई आरोपी अदालत में पेश हो चुके हैं। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ आरोपियों पर कानूनी दबाव लगातार बढ़ रहा है।
क्या है टेंडर कमीशन घोटाला
यह मामला झारखंड के चर्चित टेंडर कमीशन घोटाले से जुड़ा है, जिसमें सरकारी टेंडर दिलाने के नाम पर कमीशन लेने के आरोप लगे थे। इस मामले में ED ने पहली बड़ी कार्रवाई वर्ष 2023 में की थी। उस दौरान कई इंजीनियरों और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। इसके बाद मई 2024 में दूसरी बड़ी कार्रवाई के दौरान इंजीनियरों, ठेकेदारों और कॉन्ट्रैक्टरों के कई ठिकानों पर रेड हुई थी। छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये की बरामदगी ने मामले को और चर्चित बना दिया था।
आलमगीर आलम कनेक्शन के बाद बढ़ी थी चर्चा
इस मामले ने सबसे ज्यादा सुर्खियां तब बटोरी थीं जब पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के करीबी लोगों के पास से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी। इसके बाद मामला केवल इंजीनियरिंग विभाग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी इसकी गूंज सुनाई देने लगी।
कई बड़े नाम अब भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसियां अभी भी मामले की पड़ताल में जुटी हैं। कई बड़े नाम पहले से जांच के घेरे में बताए जा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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