वेस्ट एशिया तनाव का असर: भारत में पेट्रोल-डीजल 3 रुपये प्रति लीटर तक महंगा, आम जनता पर बढ़ा बोझ

Rupa Kumari | May 15, 2026 | 11:39 AM IST

Samachar Post डेस्क, रांची: वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर अब भारत में साफ दिखाई देने लगा है। लंबे समय से स्थिर चल रही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अब 3 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। नई कीमतों के अनुसार राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

अन्य महानगरों में भी बढ़े दाम

देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी ईंधन महंगा हुआ है। कोलकाता में पेट्रोल 108.74 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है, डीजल भी बढ़ा है। मुंबई में पेट्रोल 106.68 रुपये प्रति लीटर हो गया है। चेन्नई में पेट्रोल 103.67 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। डिजल की कीमतों में भी अलग-अलग शहरों में लगभग 2.83 रुपये से 3.29 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी गई है।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार बना मुख्य कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है। वेस्ट एशिया में जारी तनाव के कारण सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ रहा है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव का असर घरेलू बाजार पर तुरंत दिखाई देता है।

लंबे समय बाद बड़ी बढ़ोतरी

अप्रैल 2022 के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह पहली बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है। हालांकि, इस दौरान कीमतें काफी हद तक स्थिर बनी हुई थीं और मार्च 2024 में चुनाव से पहले 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती भी की गई थी। अब ताजा वृद्धि के बाद आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

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