Samachar Post डेस्क, रांची: केंद्र सरकार ने लंबे इंतजार और मजदूर संगठनों के विरोध के बाद देश में नए श्रम कानूनों को पूरी तरह लागू कर दिया है। नए नियमों के तहत अब कर्मचारियों से सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे ही काम लिया जा सकेगा और उन्हें कम से कम एक दिन का वीकेंड या साप्ताहिक अवकाश देना अनिवार्य होगा। सरकार द्वारा जारी नियमों के अनुसार, तय कार्य अवधि से अधिक काम कराने पर कर्मचारियों को ओवरटाइम भुगतान भी देना होगा। इन नियमों को लागू करने के साथ ही देश में चारों श्रम संहिताओं को पूरी तरह प्रभावी कर दिया गया है।
क्या कहता है नया नियम
नियमों में स्पष्ट किया गया है कि किसी कर्मचारी के साप्ताहिक कार्य घंटे 48 घंटे से अधिक नहीं होने चाहिए। साथ ही कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन आराम या छुट्टी देना जरूरी होगा। इसके अलावा, यदि किसी कर्मचारी से निर्धारित समय से अधिक काम कराया जाता है तो उसे ओवरटाइम का भुगतान किया जाएगा। सरकार ने कहा है कि इन नियमों का उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर बेहतर संतुलन सुनिश्चित करना है।
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30 दिसंबर 2025 को जारी हुआ था मसौदा
सरकार ने इन नियमों का मसौदा 30 दिसंबर 2025 को सुझाव और आपत्तियों के लिए जारी किया था। कानूनी समीक्षा और विभिन्न पक्षों से राय लेने के बाद अब इन्हें आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया है।
लागू हुईं चार प्रमुख श्रम संहिताएं
सरकार ने जिन चार श्रम संहिताओं को लागू किया है, उनमें शामिल हैं मज़दूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियां संहिता 2020 सरकारी अधिकारियों के अनुसार, ये श्रम कोड 21 नवंबर 2025 से कानून के रूप में लागू हो चुके थे, लेकिन नियमावली जारी नहीं होने के कारण इनके कई प्रावधान पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पाए थे। अब आधिकारिक राजपत्र में नियम प्रकाशित होने के बाद इन्हें पूर्ण रूप से लागू माना जाएगा।
मजदूरों को मिलेगा सामाजिक सुरक्षा का लाभ
नए श्रम कानूनों के तहत सभी मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी और यूनिवर्सल सोशल सिक्योरिटी सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के करोड़ों श्रमिकों को लाभ मिलेगा।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।