Samachar Post रिपोर्टर, पश्चिम बंगाल : विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह “हारी नहीं, बल्कि हराई गई हैं” और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। ममता बनर्जी ने भारतीय निर्वाचन आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने चुनाव में “मुख्य विलेन” जैसा व्यवहार किया। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी की हार लोकतांत्रिक तरीके से नहीं हुई, इसलिए वह इस्तीफा नहीं देंगी।
“100 सीटें छीनी गईं” का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग के सहयोग से करीब 100 सीटें “छीन” लीं और इसे “वोट डकैती” करार दिया। 4 मई को आए चुनाव परिणामों में भाजपा को 208 सीटों पर जीत मिली, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 81 सीटें हासिल हुईं। ममता बनर्जी खुद अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से चुनाव हार गईं, जहां उन्हें शुभेंदु अधिकारी ने हराया।
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मतदाता सूची और सुरक्षा बलों पर सवाल
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के जरिए मतदाताओं व कार्यकर्ताओं को डराया गया। उन्होंने यह भी कहा कि काउंटिंग प्रक्रिया में भी गड़बड़ी हुई। ममता बनर्जी के इस रुख के बाद राज्य में राजनीतिक गतिरोध की स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज हो सकता है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।