Samachar Post डेस्क, रांची :असदुद्दीन ओवैसी ने ममता बनर्जी की सेक्युलर और लिबरल छवि पर सवाल उठाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल के बाहर जो छवि बनाई गई थी, वह पूरी तरह गलत है और वास्तविकता इससे अलग है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने राज्य के मुस्लिम समुदाय को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया और उन्हें बराबरी का नागरिक नहीं माना। उनका कहना है कि यदि सरकार ने सभी वर्गों के विकास पर ध्यान दिया होता, तो चुनाव परिणाम अलग हो सकते थे।
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नीतियों को ठहराया जिम्मेदार
ओवैसी ने कहा कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन के लिए केवल किसी एक कारण को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा। उन्होंने ममता सरकार की नीतियों को भी इसके लिए जिम्मेदार बताया और कहा कि विकास के मुद्दों की अनदेखी की गई।
भ्रष्टाचार और आर्थिक स्थिति पर सवाल
ओवैसी ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बंगाल देश की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के बावजूद प्रति व्यक्ति आय के मामले में काफी पीछे है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे क्षेत्रों से रोजगार की तलाश में बड़ी संख्या में लोगों को पलायन करना पड़ा और प्रशासन में भ्रष्टाचार चरम पर था।
बंगाल चुनाव में बदली तस्वीर
हालिया विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 206 सीटों पर जीत दर्ज कर प्रचंड बहुमत हासिल किया। वहीं तृणमूल कांग्रेस 81 सीटों पर सिमट गई। अन्य दलों को सीमित सफलता मिली, जिससे राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला।
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