Samachar Post रिपोर्टर,रांची :रांची में चर्चित अमन साव एनकाउंटर मामले पर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार से CID की केस डायरी पेश करने को कहा है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके। हाईकोर्ट इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता और सरकार दोनों के पक्ष सुने गए। इसके बाद कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की गहराई से जांच के लिए CID की केस डायरी जरूरी है।
यह भी पढ़ें :धनबाद में भीषण सड़क हादसा, ऑटो-ट्रेलर टक्कर में 1 की मौत, 6 घायल
एनकाउंटर पर दो अलग-अलग दावे
इस केस में दो अलग-अलग पक्ष सामने आ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, इसलिए एनकाउंटर हुआ। वहीं परिवार का आरोप है कि यह पूरी तरह सुनियोजित फर्जी एनकाउंटर था।
मां ने उठाए सवाल, CBI जांच की मांग
अमन साव की मां ने इस घटना को साजिश करार देते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि पुलिस ने जानबूझकर उनके बेटे की हत्या की और उसे एनकाउंटर का रूप दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी ऑनलाइन FIR अब तक दर्ज नहीं की गई।
दूसरी FIR को लेकर विवाद
याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि पुलिस द्वारा दर्ज FIR सिर्फ एक एंगल को दर्शाती है, जबकि परिवार के आरोप अलग हैं, इसलिए दूसरी FIR दर्ज होनी चाहिए। वहीं सरकार का पक्ष है कि एक ही केस में सभी पहलुओं की जांच CID कर रही है, इसलिए अलग FIR की जरूरत नहीं है। इस मामले में देरी और FIR दर्ज न होने को लेकर कोर्ट पहले भी सरकार को फटकार लगा चुका है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और FIR दर्ज करना अनिवार्य है।
अगली सुनवाई 9 जून को
हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 9 जून तय की है। तब तक राज्य सरकार को CID की केस डायरी कोर्ट में पेश करनी होगी। अब इस केस में आगे क्या मोड़ आता है, इस पर सभी की नजर टिकी हुई है।
Reporter | Samachar Post