Samachar Post रिपोर्टर, रांची :रांची विश्वविद्यालय में नई शिक्षा नीति के तहत अब पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) स्तर पर भी बड़ा बदलाव लागू किया जा रहा है। सत्र 2025-27 से छात्रों को नए ढांचे के अनुसार पढ़ाई का विकल्प मिलेगा, जिससे उच्च शिक्षा अधिक लचीली और आधुनिक बन सकेगी। नई व्यवस्था के तहत छात्रों को पीजी में दो तरह के कोर्स का विकल्प दिया जाएगा। एक साल का पीजी कोर्स उन छात्रों के लिए होगा जो जल्दी पढ़ाई पूरी करना चाहते हैं, जबकि पारंपरिक दो साल का कोर्स भी जारी रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों मॉडलों के लिए सिलेबस तैयार कर लिया है और सीटों का निर्धारण भी कर दिया गया है। इस नए मॉडल के तहत दूसरे राज्यों के छात्र भी एक साल का पीजी कोर्स करने के लिए रांची विश्वविद्यालय में दाखिला ले सकेंगे। इससे विश्वविद्यालय में नामांकन संख्या बढ़ने और शैक्षणिक विविधता आने की संभावना जताई जा रही है।
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तीन मोड में होगी पढ़ाई
नई शिक्षा नीति के तहत पीजी कोर्स को तीन अलग-अलग अकादमिक मोड में डिजाइन किया गया है। पहले मॉडल में छह महीने का कोर्स वर्क और छह महीने का रिसर्च शामिल होगा। दूसरे मॉडल में छात्र सीधे रिसर्च पर फोकस कर सकेंगे। तीसरे मॉडल में क्रेडिट सिस्टम के आधार पर कोर्स और रिसर्च दोनों का मिश्रण होगा, जिससे छात्रों को अपनी रुचि के अनुसार पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी।
सीटों का निर्धारण और नई व्यवस्था
विश्वविद्यालय ने दो साल के पीजी कोर्स के लिए सीटों का बंटवारा भी तय कर दिया है, जिसमें पहले और दूसरे वर्ष के लिए बराबर सीटें निर्धारित की गई हैं। इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है और नामांकन प्रक्रिया भी इसी आधार पर होगी।
छात्रों को मिलेगा अधिक लचीलापन
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से छात्रों को अपनी जरूरत और करियर लक्ष्य के अनुसार कोर्स चुनने में आसानी होगी। साथ ही रिसर्च के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने के अवसर बढ़ेंगे। रांची विश्वविद्यालय आगे चलकर वोकेशनल कोर्स में भी नई शिक्षा नीति लागू करने की तैयारी कर रहा है।
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