Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा: जिले के मेझिया पंचायत स्थित बेलटांड़ गांव में अब विकास की रोशनी पहुंचने लगी है। लंबे समय से बिजली सुविधा से वंचित इस गांव में प्रशासन और बिजली विभाग की पहल पर खंभे और तार लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। काम शुरू होते ही ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही उनके घरों में पहली बार बिजली पहुंचेगी।
आजादी के बाद पहली बार मिलेगा उजाला
आदिवासी बहुल बेलटांड़ गांव के करीब 25 घर अब तक बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित थे। ग्रामीण ढिबरी और लालटेन के सहारे जीवन यापन कर रहे थे। कई बार अधिकारियों से शिकायत के बावजूद समाधान नहीं हुआ था, लेकिन अब बिजली कार्य शुरू होने से लोगों में खुशी का माहौल है। बिजली विभाग की टीम गांव में खंभे गाड़ने और तार बिछाने का काम कर रही है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि काम पूरा होने के बाद बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा।
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अब पेयजल समस्या उठी
बिजली का काम शुरू होते ही ग्रामीणों ने पेयजल की समस्या भी प्रशासन के सामने रखी है। उनका कहना है कि गांव में पानी की भारी कमी है और दूर से पानी लाना पड़ता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली के बाद जल्द ही पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर उठाई गई मांग के बाद प्रशासन की सक्रियता से गांव में बदलाव की शुरुआत हुई है और अब बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद बढ़ गई है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।