Samachar Post रिपोर्टर, रांची :झारखंड में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर एक बार फिर मामला उलझ गया है। राज्यपाल संतोष गंगवार ने सरकार द्वारा भेजी गई नियुक्ति फाइल को दूसरी बार बिना मंजूरी के लौटा दिया है। राजभवन की ओर से इस फैसले के पीछे कानूनी आपत्तियों का हवाला दिया गया है। इससे पहले 10 अप्रैल को भी फाइल पर स्पष्टीकरण मांगा गया था।
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राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले नामों पर आपत्ति
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने 25 मार्च को चार नामों अनुज सिन्हा, तनुज खत्री, अमूल्य नीरज खलखो और शिवपूजन पाठक को सूचना आयुक्त पद के लिए प्रस्तावित किया था। हालांकि, इनमें से तीन नामों की राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर आपत्ति जताई गई है। इसी कारण पहले भी फाइल वापस की गई थी और इस बार भी वही मुद्दा सामने आया है।
सरकार ने दोबारा भेजे वही नाम
राज्य सरकार ने हाल ही में फिर से उन्हीं नामों को पैनल में शामिल कर राजभवन भेज दिया। सरकार का कहना है कि सभी उम्मीदवार योग्य हैं और समाजसेवा के क्षेत्र में उनकी पहचान है। वहीं, राजभवन ने पहले यह स्पष्ट करने को कहा था कि क्या किसी राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति इस पद के लिए पात्र माने जा सकते हैं।
फैसले पर टिकी निगाहें
फिलहाल इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही देरी से सूचना आयोग के कामकाज पर भी असर पड़ सकता है।



















