Samachar Post डेस्क, रांची: राज्य में हाथी या अन्य जंगली जानवरों के हमले में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को जल्द ज्यादा मुआवजा मिल सकता है। वन विभाग ने मुआवजा राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का प्रस्ताव तैयार कर विभागीय मंत्री के पास भेज दिया है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद नई व्यवस्था लागू की जाएगी। फिलहाल जंगली जानवरों के हमले से मौत होने पर प्रभावित परिवार को 4 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। लेकिन मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सरकार मुआवजा बढ़ाने पर विचार कर रही है।
नए प्रस्ताव में क्या है व्यवस्था
प्रस्ताव के अनुसार पीड़ित परिवार को चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता दी जाएगी, घटना के कुछ घंटों के भीतर 1 लाख रुपये तत्काल सहायता, 15 दिनों के भीतर 4 लाख रुपये अतिरिक्त, 5 लाख रुपये परिवार के नाम फिक्स डिपॉजिट, तीन साल तक हर महीने 2000 रुपये की आर्थिक मदद सरकार का उद्देश्य केवल तत्काल राहत देना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों को लंबे समय तक आर्थिक सहारा देना भी है। फिक्स डिपॉजिट और मासिक सहायता से परिवार को स्थायी मदद मिलने की योजना है।
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अन्य राज्यों में ज्यादा मुआवजा
कई राज्यों में पहले से अधिक मुआवजा दिया जा रहा है।
- कर्नाटक और महाराष्ट्र : 20 लाख रुपये तक
- केरल : 14 लाख रुपये
- उत्तराखंड और तमिलनाडु : 10-10 लाख रुपये
नई व्यवस्था लागू होने के बाद खासकर वन क्षेत्रों से सटे गांवों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे हाथी हमले जैसी घटनाओं में प्रभावित परिवारों को समय पर पर्याप्त आर्थिक मदद मिल सकेगी।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।