Samachar Post रिपोर्टर, रांची :झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 166 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। रांची के तमाड़ थाना में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच आगे बढ़ी, जिसमें पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो रहा है। पुलिस जांच में सामने आया कि प्रश्न पत्र व्हाट्सएप के जरिए अभ्यर्थियों तक पहुंचाए गए। गिरफ्तार आरोपी विकास कुमार के मोबाइल से पेपर बरामद हुआ। पूछताछ में उसने बताया कि उसे ‘चुनचुन’ नामक व्यक्ति ने पेपर भेजा था, जो कथित तौर पर संचालन एजेंसी से चोरी किया गया था।
यह भी पढ़ें :मांडर टोल प्लाजा पर हमला: 30-40 लोगों ने मचाया उत्पात, मैनेजर समेत कई घायल
नर्सिंग कॉलेज बना ‘एग्जाम हब’
रांची के रड़गांव स्थित एक अर्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज को इस पूरे रैकेट का अड्डा बनाया गया था। यहां अभ्यर्थियों को ठहराया गया, खाने-पीने की व्यवस्था की गई और उन्हें पेपर के उत्तर रटवाए जा रहे थे। गिरोह के सदस्य झारखंड और बिहार के अलग-अलग इलाकों से अभ्यर्थियों को बहला-फुसलाकर लाते थे। उन्हें भरोसा दिलाया जाता था कि परीक्षा पास करवा दी जाएगी। इसके लिए कई एजेंट भी सक्रिय थे।
3 लाख एडवांस, 10 लाख में ‘पास कराने’ की डील
जांच में सबसे बड़ा खुलासा पैसों को लेकर हुआ है। हर अभ्यर्थी से ₹3 लाख एडवांस लिया गया। कुल 159 अभ्यर्थियों से करीब ₹4.77 करोड़ वसूले गए। पूरी डील ₹10 लाख में तय थी। बाकी ₹7 लाख परीक्षा पास होने के बाद देने थे। पुलिस के अनुसार, नर्सिंग कॉलेज के ठेकेदार और मालिक भी इस साजिश में शामिल थे। उन्होंने अभ्यर्थियों के रहने और खाने की व्यवस्था करवाई, जिसके बदले उन्हें मोटी रकम दी गई। इस पूरे नेटवर्क की तैयारी करीब एक महीने पहले से चल रही थी। अभ्यर्थियों को विभिन्न स्थानों से लाने के लिए गाड़ियों की व्यवस्था की गई थी। कुछ वाहन किराए पर लिए गए थे, जबकि कुछ आरोपियों के अपने थे।
166 आरोपी जेल भेजे गए
इस मामले में पुलिस ने कुल 166 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 152 पुरुष और 7 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। साथ ही गिरोह के कई मुख्य सदस्य भी पकड़े गए हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य कड़ियों की तलाश में जुटी है।
Reporter | Samachar Post