Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय कोयला निर्यात से जुड़े करोड़ों रुपये के विवाद में सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को काउंटर-अफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही अदालत ने मामले से जुड़े सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रोगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ में हुई। यह एक आपराधिक रिट याचिका है, जिसमें अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य से विस्तृत जवाब मांगा है।
FIR से जुड़ा है पूरा विवाद
पूरा मामला बैंक मोड़ थाना कांड संख्या 280/2025 से संबंधित है। यह प्राथमिकी नारायणी कोक प्राइवेट की ओर से अनुप शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई थी। इसमें विमला फ्यूल्स एंड मेटल्स लिमिटेड के निदेशकों, जिनमें संजय अग्रवाल भी शामिल हैं, पर 5.85 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है।
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याचिका में लगाए गए गंभीर आरोप
मामले में प्रेम कुमार अग्रवाल ने याचिका दायर की है, जो संजय अग्रवाल के पावर ऑफ अटॉर्नी धारक बताए गए हैं। याचिका में दस्तावेजों की जालसाजी, दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई और जबरन वसूली जैसे आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शैलेश कुमार सिंह सहित अन्य वकीलों ने पैरवी की।
राज्य से मांगा गया विस्तृत जवाब
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार को विस्तृत काउंटर दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई की तारीख बाद में तय की जाएगी।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।