हजारीबाग कांड पर हाईकोर्ट सख्त, स्वतः संज्ञान लेकर गृह सचिव और DGP से मांगा जवाब

Meenu | March 30, 2026 | 03:51 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,हजारीबाग :हजारीबाग के विष्णुगढ़ में 12 वर्षीय बच्ची के साथ दरिंदगी और हत्या के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सोमवार को स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से जवाब तलब किया है। इस घटना के बाद पूरे राज्य में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

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हाईकोर्ट की सख्ती

मामला अधिवक्ता हेमंत सिकरवार द्वारा जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष उठाया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने गहरी नाराजगी जताते हुए गृह सचिव, डीजीपी और हजारीबाग एसपी को पक्षकार बनाकर जवाब मांगा है। साथ ही दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने मामले को जनहित याचिका में बदलते हुए मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ को रेफर कर दिया। 25 मार्च को विष्णुगढ़ क्षेत्र में 12 साल की बच्ची का शव संदिग्ध हालत में मिला था। परिजनों का आरोप है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है और लोग लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग कर रहे हैं।

राजनीतिक हलचल तेज

इस घटना के विरोध में भाजपा ने 30 मार्च को हजारीबाग बंद का आह्वान किया। पार्टी के नेता पीड़ित परिवार से मिलकर न्याय का भरोसा दे रहे हैं और राज्य सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।

राज्यभर में विरोध

हजारीबाग समेत कई जिलों में कैंडल मार्च निकाले गए। धनबाद में भी लोगों ने बच्ची को श्रद्धांजलि देते हुए आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई ही समाज में कानून का डर पैदा कर सकती है।

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