Samachar Post रिपोर्टर, जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। इलाज के दौरान लापता हुए मरीज सुनील यादव का सड़ा-गला शव 9 दिन बाद अस्पताल परिसर में ही बरामद हुआ। घटना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
इलाज के दौरान अचानक गायब
बागबेड़ा निवासी सुनील यादव को 13 मार्च को कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 14 मार्च की रात तक वह वार्ड में मौजूद थे, लेकिन 15 मार्च की सुबह परिजनों के पहुंचने पर वह अपने बेड से गायब मिले। काफी तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिला।
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9 दिन बाद मिला सड़ा-गला शव
सोमवार रात अस्पताल परिसर में लैब की बाउंड्री वॉल के पास कचरे के ढेर में एक शव मिला। शव से तेज दुर्गंध आ रही थी और हालत काफी खराब थी। बाद में उसकी पहचान सुनील यादव के रूप में हुई। मृतक के हाथ में कैनुला लगा हुआ था, जिससे स्पष्ट है कि वह इलाज के दौरान ही लापता हुए थे।
परिजनों का आरोप-हत्या कर फेंका गया शव
शव मिलने की खबर मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। उनका आरोप है कि सुनील यादव की हत्या कर शव को अस्पताल परिसर में फेंका गया। परिजनों का कहना है कि 9 दिनों तक अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
CCTV में आखिरी बार गेट तक दिखे
मृतक के बेटे अभय यादव के अनुसार, CCTV फुटेज में उनके पिता 14 मार्च की रात अस्पताल के मेन गेट तक जाते नजर आए थे। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। उस समय कोई अटेंडेंट भी मौजूद नहीं था, जिससे संदेह और गहरा गया है। मामले की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने के बाद हर पहलू से जांच की जाएगी।
अस्पताल में नए सुरक्षा नियम लागू
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन अलर्ट हो गया है और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई नए नियम लागू किए गए हैं, बिना अटेंडेंट वाले मरीजों को नर्स की निगरानी में ही वॉशरूम ले जाया जाएगा, खिड़कियों में ग्रिल और दरवाजों में लॉक की व्यवस्था
रात 9 बजे के बाद वार्ड से बाहर निकलने पर रोक, वॉशरूम जाने के लिए अटेंडेंट जरूरी कर दिया गया है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।