रांची विधानसभा में चापाकल संकट पर हंगामा: सरकार और विपक्ष आमने-सामने

Rupa Kumari | March 17, 2026 | 02:19 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची: बजट सत्र के 16वें दिन झारखंड विधानसभा में चापाकल और पानी की कमी का मुद्दा गरमा गया। संतालपरगना क्षेत्र, खासकर लिट्टीपाड़ा में खराब चापाकलों की स्थिति को लेकर विधायक हेमलाल मुर्मू ने सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने चेताया कि जलस्तर लगातार गिर रहा है और ड्रॉट एरिया में लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने की स्थिति चिंताजनक है।

सरकार की स्थिति

जल संसाधन मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन को बताया कि राज्य में कुल 69,916 चापाकल खराब पड़े हैं, जिनमें से 3,446 चापाकल पाकुड़ जिले में हैं। उन्होंने कहा कि 44,906 चापाकलों की साधारण मरम्मत के लिए स्वीकृति दी जा चुकी है और मरम्मत कार्य जारी हैं।

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विपक्ष का हमला

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि चापाकल की मरम्मत के लिए अब केंद्र से फंड मांगना पड़ रहा है, जो झारखंड के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जल जैसी बुनियादी जरूरतों की आपूर्ति में सरकार की असमर्थता पर चिंता जताई।

फंड और मरम्मत पर सफाई

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने विरोधियों के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि चापाकल मरम्मत के लिए राज्य सरकार ने फंड जारी कर दिया है और कार्य लगातार चल रहा है।

पानी संकट की गंभीरता

सदन में गर्मागर्मी के बावजूद यह मुद्दा स्पष्ट करता है कि झारखंड में पानी की कमी गंभीर स्तर पर है। चापाकलों की स्थिति सुधारने और जलस्रोतों को सुरक्षित बनाने के लिए सतत प्रयासों की आवश्यकता है।

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