Samachar Post रिपोर्टर,रांची :राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग के बाद झारखंड महागठबंधन में पैदा हुई तल्खियां अब खत्म होती नजर आ रही हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और अन्य सहयोगी दलों ने पुराने विवादों को पीछे छोड़ते हुए 2029 के चुनाव की तैयारियों पर फोकस करने का संकेत दिया है।
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राज्यसभा चुनाव के बाद बढ़ा था विवाद
राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग ने महागठबंधन के भीतर मतभेद को खुलकर सामने ला दिया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि राजद और सीपीआई(एमएल) के रुख के कारण भाजपा समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी चुनाव जीत गए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। इस मुद्दे पर गठबंधन के नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी हुई थी। एक-दूसरे पर गठबंधन धर्म का पालन नहीं करने और विश्वासघात तक के आरोप लगाए गए थे।
झामुमो का संदेश- 2029 के लिए गठबंधन पूरी तरह तैयार
अब बदले राजनीतिक माहौल में झामुमो ने स्पष्ट किया है कि महागठबंधन पूरी मजबूती के साथ 2029 के चुनाव की तैयारी करेगा। पार्टी का कहना है कि गठबंधन की एकजुटता बरकरार है और सभी सहयोगी दल साझा रणनीति के साथ आगे बढ़ेंगे। राज्यसभा चुनाव की हार के बाद नाराज दिख रही कांग्रेस ने भी अब पुराने विवादों को पीछे छोड़ने का संदेश दिया है। पार्टी का फोकस आगामी चुनावी रणनीति और गठबंधन को मजबूत बनाने पर दिखाई दे रहा है।

राजद का संदेश-‘रात गई, बात गई’
राजद की ओर से भी स्पष्ट संकेत दिया गया है कि राज्यसभा चुनाव से जुड़े विवाद अब अतीत की बात हैं। पार्टी नेताओं ने ‘रात गई, बात गई’ कहकर यह संदेश दिया कि अब पूरा ध्यान 2029 के चुनाव और विपक्षी एकजुटता पर रहेगा।
2029 चुनाव के लिए साझा रणनीति पर जोर
महागठबंधन के सभी दलों के एक मंच पर आने से यह संकेत मिल रहा है कि वे पिछले विवादों को पीछे छोड़कर आगामी चुनावों के लिए साझा रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष आगामी चुनाव में एकजुटता का संदेश देकर भाजपा के खिलाफ मजबूत चुनौती पेश करना चाहता है.

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