चार अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडल जीतने वाला खिलाड़ी आज कैब चलाने और सब्जी बेचने को मजबूर

Rupa Kumari | June 27, 2026 | 12:48 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले झारखंड के थ्रो बॉल खिलाड़ी अमरदीप कुमार आज आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। चार स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाने वाले अमरदीप को आज परिवार का भरण-पोषण करने के लिए पार्ट टाइम कैब चलानी पड़ रही है। खाली समय में वह अपने पिता के साथ सब्जी बेचकर भी परिवार की मदद करते हैं। रांची निवासी अमरदीप की यह कहानी उन खिलाड़ियों के संघर्ष को सामने लाती है, जो खेलों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद आर्थिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।

चार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीते स्वर्ण पदक

अमरदीप कुमार ने वर्ष 2015 में मलेशिया में आयोजित पहली जूनियर एशियन थ्रो बॉल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने 2017 में नेपाल में आयोजित इंडो-नेपाल चैंपियनशिप, 2019 में बेंगलुरु में हुई पहली साउथ एशियन चैंपियनशिप और 2026 में रांची के खेलगांव में आयोजित दूसरी साउथ एशियन चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक हासिल किया। लगातार चार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीतने के बावजूद उन्हें अब तक किसी बड़े आर्थिक प्रोत्साहन या सरकारी सम्मान का लाभ नहीं मिल सका है।

अभ्यास के साथ रोजी-रोटी की जंग

अमरदीप नियमित रूप से खेल का अभ्यास करते हैं, लेकिन आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें अतिरिक्त काम भी करना पड़ता है। प्रतियोगिताओं के दौरान उन्हें कैब चलाने का काम छोड़ना पड़ता है, जिससे आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी प्रभावित होता है। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों से सहायता और प्रोत्साहन की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस मदद नहीं मिल सकी है।

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खिलाड़ियों की चुनौतियों को उजागर करती कहानी

अमरदीप कुमार का संघर्ष इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल करने वाले कई खिलाड़ी संसाधनों और आर्थिक सहयोग के अभाव में कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं। खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे खिलाड़ियों को उचित प्रोत्साहन, सम्मान और आर्थिक सहयोग मिलना चाहिए, ताकि वे बिना किसी आर्थिक दबाव के अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें।अमरदीप को उम्मीद है कि उनकी उपलब्धियों को देखते हुए भविष्य में उन्हें आवश्यक सहयोग और सम्मान मिलेगा, जिससे वे खेल के क्षेत्र में और बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

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