Samachar Post रिपोर्टर,जमशेदपुर :देश की प्रमुख स्टील कंपनी Tata Steel ने 493.35 करोड़ रुपये के जीएसटी विवाद को लेकर झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कंपनी ने जमशेदपुर के जीएसटी आयुक्त के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उसे भारी टैक्स, जुर्माना और ब्याज जमा करने का निर्देश दिया गया था। यह मामला वित्त वर्ष 2018-19 से 2022-23 के दौरान हुए जीएसटी ऑडिट से जुड़ा हुआ है।
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क्या है पूरा मामला
केंद्रीय कर विभाग, रांची ने जून 2025 में टाटा स्टील को 1007.54 करोड़ रुपये की कथित देनदारी को लेकर शो-कॉज नोटिस जारी किया था। कंपनी ने इस राशि में से 514.19 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया था। इसके बाद 493.35 करोड़ रुपये की राशि विवादित रह गई। बाद में 18 दिसंबर 2025 को जमशेदपुर स्थित जीएसटी और केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त ने आदेश जारी करते हुए कंपनी को 493.35 करोड़ रुपये टैक्स और 638.82 करोड़ रुपये जुर्माना और ब्याज जमा करने का निर्देश दिया।
टाटा स्टील ने क्या कहा
टाटा स्टील का कहना है कि विभागीय अधिकारियों ने कंपनी द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण और तर्कों पर सही तरीके से विचार नहीं किया। कंपनी का दावा है कि उसके पास इस मामले में मजबूत कानूनी आधार और तथ्य मौजूद हैं। इसी आधार पर कंपनी ने 11 मार्च 2026 को झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है।
शेयर बाजार को भी दी जानकारी
नियामकीय फाइलिंग के मुताबिक, टाटा स्टील ने सेबी के दिशा-निर्देशों के तहत इस कानूनी कार्रवाई की जानकारी शेयर बाजार को भी दे दी है। अब सभी की नजरें झारखंड हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस मामले में आगे की दिशा तय होगी।
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