रामनवमी पर डीजे प्रतिबंध को लेकर हजारीबाग विधायक का धरना, सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप

Rupa Kumari | March 11, 2026 | 02:53 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, हजारीबाग : रामनवमी के दौरान हजारीबाग में डीजे बजाने पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने बुधवार को इस फैसले के विरोध में विधानसभा परिसर के बाहर धरना दिया और राज्य सरकार पर हिंदू त्योहारों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। धरने के दौरान विधायक ने कहा कि हजारीबाग की रामनवमी पूरे राज्य में अपनी भव्यता और परंपरा के लिए जानी जाती है। हर साल बड़ी संख्या में लोग जुलूस और धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हैं। ऐसे में डीजे पर रोक लगाना लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ अन्याय है।

रामनवमी महोत्सव को राजकीय दर्जा देने की मांग

प्रदीप प्रसाद ने कहा कि हजारीबाग की इंटरनेशनल श्री चैत रामनवमी की पहचान देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इस आयोजन को राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया जाए। साथ ही जुलूसों में डीजे बजाने की अनुमति दी जाए, ताकि परंपरा के अनुसार कार्यक्रम आयोजित हो सकें।

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प्रशासन को दी चेतावनी

विधायक ने कहा कि यदि प्रशासन अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं करता है तो भी हजारीबाग में रामनवमी के मौके पर डीजे बजाया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से लोगों की धार्मिक आस्था और स्थानीय परंपराओं का सम्मान करने की अपील की।

मंगला जुलूस में जब्त किया गया था डीजे

दरअसल मंगलवार को हजारीबाग में मंगला जुलूस के दौरान डीजे बजाने की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक डीजे जब्त कर लिया था। इसके बाद से ही यह विवाद शुरू हो गया।

प्रशासन ने की नियमों के पालन की अपील

जिला प्रशासन ने सभी आयोजकों और आम लोगों से अपील की है कि त्योहारों के दौरान डीजे का इस्तेमाल न करें और न्यायालय के निर्देशों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार त्योहारों में डीजे के प्रयोग पर रोक है, ताकि शांति और सौहार्द बनाए रखा जा सके और सभी आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों। विधायक के विरोध के बाद यह मुद्दा अब राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है।

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