Samachar Post रिपोर्टर, बिहार: बिहार की राजनीति से एक महत्वपूर्ण नाम जुड़ा रहा पूर्व विधायक सतीश कुमार का मंगलवार सुबह निधन हो गया। वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 1994 की ऐतिहासिक “कुर्मी चेतना” रैली के मंच तक लाने के लिए जाने जाते थे। जानकारी के अनुसार ब्रेन हैमरेज के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई थी। उन्हें इलाज के लिए पटना के फोर्ड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार सुबह करीब 6:45 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही नालंदा समेत आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई।
1994 की कुर्मी चेतना महारैली से मिली थी पहचान
साल 1994 में पटना के गांधी मैंदान में आयोजित “कुर्मी चेतना महारैली” के सफल आयोजन के बाद सतीश कुमार को पूरे बिहार में नई पहचान मिली थी। इस रैली का उद्देश्य कुर्मी समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाना और सामाजिक चेतना को मजबूत करना था। उस समय कुर्मी, कोइरी और अतिपिछड़ा समाज को एक मंच पर लाने की कोशिश की गई थी, जिसने बिहार की राजनीति में नई दिशा दी।
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कई क्षेत्रों से रहे विधायक
सतीश कुमार मूल रूप से बिहार के शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड के सर्वा गांव के निवासी थे। उनका जन्म 1948 में हुआ था। वे लंबे समय तक सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे। उन्होंने सबसे पहले शेखपुरा से तत्कालीन विधायक राजो सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा। 1990 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के टिकट पर सूर्यगढ़ा से पहली बार विधायक बने। 1995 में अस्थावां से निर्दलीय विधायक चुने गए। 2001 में समता पार्टी से विधायक रहे। इसके अलावा 2009 में नालंदा से लोकसभा चुनाव भी उन्होंने लोकसभा चुनाव के टिकट पर लड़ा था, जिसमें वे दूसरे स्थान पर रहे।
नेताओं और समर्थकों ने जताया शोक
सतीश कुमार के निधन पर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। अस्थावां के विधायक डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहा कि सतीश बाबू उनके लिए अभिभावक समान थे और समाज के लिए उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनके निधन से बिहार की राजनीति में एक ऐसे नेता का अध्याय समाप्त हो गया, जिसने सामाजिक चेतना और राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाने के लिए अहम भूमिका निभाई थी।
Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।