झारखंड में कलाकारों के लिए बना वेब एप्लीकेशन, किया जाएगा निबंधन

Rupa Kumari | August 13, 2025 | 10:37 AM IST
  • 25 सालों में पहली बार किसी सरकार ने कलाकारों के हित में लिया फैसला, सरकार द्वारा मिलेगा पहचान पत्र

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के सभी कलाकारों के हित में राज्य सरकार द्वारा सांस्कृतिक मंडली प्रबंधन प्रणाली (सीटीएमएस) वेब एप्लीकेशन विकसित किया गया है। संस्कृति निदेशालय द्वारा विकसित सीटीएमएस एप्लीकेशन में कलाकारों का नि:शुल्क निबंधन किया जाएगा। निबंधित होने वाले कलाकारों को जहां सरकार द्वारा पहचान पत्र जारी किया जाएगा, वहीं, उनके पेंशन भुगतान, राज्य में अलग-अलग विद्याओं के कलाकारों का डेटा बेस सुरक्षित हो सकेगा। इस वेब एप्लीकेशन में न केवल कलाकार ही अपना निबंधन करा सकेंगे बल्कि सरकारी एवं गैर सरकारी एजेंसी जिन्हें कला दलों की जरूरत होती है, वे भी अपना निबंधन करा पाएंगे, ताकि जब उन्हें जरूरत पड़े, तो वे कलाकारों का चयन कर सके।

झारखंड में अभी कराकरों का कोई डेटाबेस नहीं

झारखंड सरकार के पास अभी तक कलाकारों व कला दल का कोई स्पष्ट डेटा बेस नहीं था। एप्लीकेशन विकसित होने से इनका डेटा बेस रखना आसान हो जाएगा। सरकार को इसकी जानकारी मिलते रहेगी कि राज्य में कितने और किस विद्याओं के कलाकार है। सभी कलाकारों की क्या-क्या विशेषताएं है। राज्य गठन के 25 सालों में कलाकारों के हित में पहली बार किसी सरकार ने ऐसा कदम उठाया है। संस्कृति निदेशालय से मिली जानकारी के मुताबिक, ओड़िसा राज्य की तर्ज पर झारखंड में पहली बार इस तरह वेब एप्लीकेशन विकसित किया गया है। वहीं, कलाकारों एवं कला दलो के डेटा सुरक्षित रखने के लिए संस्कृति निदेशालय द्वारा जैप आईटी के सर्वर का उपयोग किया जा रहा है।

सीटीएमएस वेब एप्लीकेशन की विशेषताएं

  • कलाकारों को निबंधन की सुविधा मिल सकेगी। वहीं, सरकारी एवं गैर सरकारी एजेंसी जिन्हें कला दल की जरूरत होती है, वे लोग अपना निबंधन कर कलाकारों का चयन कर सकेंगे।
  • कला दलों और उससे जुड़े कलाकारों को पहचान पत्र मिलेगा।
  • कलाकारों को काम मिलने में सहुलियत होगी। अभी तक काम देने वाले और कलाकारों का मेल नहीं हो पा रहा था। वह सीटीएमएस वेब एप्लीकेशन बनने से आसान हो जाएगा।
  • कलाकारों को होने वाले राशि भुगतान व पेंशन भुगतान करने में पारदर्शिता आएगी। कार्य और सभी तरह का भुगतान सभी ऑनलाइन तरीके से होगा।
  • प्लेटफॉर्म होने से कलाकारों को समान तरीके से काम मिलना सुलभ होगा। अभी तक कलाकारों को लगता है कि संबंधित विद्याओं के निपुण कलाकारों को काम मिल गया, लेकिन अन्य को नहीं मिला।

स्वास्थ्य बीमा देने की हो रही पहल

राज्य के कलाकारों पहले ही राज्य सरकार द्वारा पेंशन दी जा रही है। इसके अलावा कलाकारों को स्वास्थ्य बीमा देने का प्रस्ताव तैयार किया है। राज्यकर्मियों की तर्ज पर कलाकारों को पांच लाख का बीमा दिया जाएगा। इस प्रस्ताव को विभागीय मंत्री के पास भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद इसे कैबिनेट से स्वीकृत किया जाएगा। वहीं, निदेशालय द्वारा कलाकारों के लिए हर जिला में अखड़ा निर्माण कराया जाएगा। फिलहाल घाटशिला, साहेबगंज व सिमडेगा में अखड़ा निर्माण का चयन किया गया है। जिलों में कला केंद्र निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सभी जिलों के उपायुक्तों से जमीन मांगा गया है। भवन निर्माण विभाग द्वारा कला केंद्र निर्माण के लिए बजट एवं असिस्टमेंट बना लिया गया है।

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