Samachar Post डेस्क,बिहार :भारतीय रेलवे ने पुरानी और जर्जर ट्रेन डिब्बों को मिनी अस्पताल में बदलने का बड़ा फैसला लिया है। इन अस्पतालों में ओपीडी और इमरजेंसी इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। रेलवे के मुताबिक, ये मिनी अस्पताल बड़े स्टेशनों के बीच पड़ने वाले छोटे और दूरदराज स्टेशनों पर लगाए जाएंगे। इन अस्पतालों का लाभ मुख्य रूप से रेलवे कर्मचारी और रिटायर कर्मचारी उठा सकेंगे। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों को पुराने डिब्बों को अस्पताल में बदलने के निर्देश दिए हैं। शुरुआत में प्रत्येक जोन में पांच-पांच डिब्बों को अस्पताल का रूप दिया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कोरोना काल में ट्रेन के डिब्बों में बनाए गए अस्पताल सफल रहे थे, और अब उसी मॉडल को आगे बढ़ाया जा रहा है।
यह भी पढ़ें :दानापुर–बिहटा एलिवेटेड रोड निर्माण: प्रशासन ने यात्रियों और व्यापारियों को दी आंशिक राहत
समस्तीपुर-सोनपुर रूट में मिलेगा ज्यादा फायदा
समस्तीपुर और सोनपुर के बीच सिर्फ दो रेफरल अस्पताल हैं। इस 106 किलोमीटर लंबे मार्ग में कई स्टेशन हैं, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं। इस रूट पर हजारों रेलकर्मी और रिटायर कर्मचारी रहते हैं, जिन्हें इन मिनी अस्पतालों से सीधा लाभ मिलेगा।
गर्मी से बचाव के लिए खास इंतजाम
रेलवे इन डिब्बों को ठंडा रखने के लिए छत पर कवर, गर्मी रोकने वाला पेंट, बांस की चिक और बबल रैप्स का इस्तेमाल करेगा, ताकि मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके। रेलवे का यह कदम कर्मचारियों और यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा को मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
Reporter | Samachar Post