NEET री-एग्जाम से पहले EOU का अलर्ट, पेपर लीक के नाम पर ठगी से सावधान रहने की सलाह

Rupa Kumari | June 9, 2026 | 01:52 PM IST

Samachar Post डेस्क, पटना : 21 जून को आयोजित होने वाले NEET री-एग्जाम से पहले बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने अभ्यर्थियों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है। EOU ने चेतावनी दी है कि परीक्षा के दौरान साइबर अपराधी और असामाजिक तत्व सोशल मीडिया, फोन कॉल, ई-मेल और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए पेपर लीक या प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का झांसा देकर छात्रों को ठगी का शिकार बना सकते हैं। इकाई ने छात्रों और अभिभावकों से केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करने और किसी भी भ्रामक दावे से सतर्क रहने की अपील की है।

सोशल मीडिया पर फैल सकती हैं फर्जी सूचनाएं

EOU के मुताबिक फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर परीक्षा से जुड़ी भ्रामक और फर्जी जानकारियां वायरल की जा सकती हैं। कुछ लोग प्रश्नपत्र या उसके उत्तर उपलब्ध कराने का दावा कर अभ्यर्थियों से पैसे की मांग कर सकते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे किसी भी प्रलोभन में न फंसें और किसी अज्ञात व्यक्ति को धनराशि का भुगतान न करें। यदि कोई व्यक्ति परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने का दावा करता है, तो उस पर विश्वास न करें और इसकी सूचना संबंधित एजेंसियों को दें।

अफवाहों से दूर रहने की अपील

आर्थिक अपराध इकाई ने अभ्यर्थियों से परीक्षा से जुड़ी किसी भी अपुष्ट सूचना, वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट को आगे साझा नहीं करने की अपील की है। गलत और भ्रामक जानकारियां छात्रों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर सकती हैं। यदि सोशल मीडिया पर पेपर लीक या प्रश्नपत्र वायरल होने का दावा सामने आता है, तो उसका URL सुरक्षित रखें और तुरंत पुलिस या संबंधित एजेंसी को सूचित करें।

संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत करें शिकायत

EOU ने कहा है कि यदि किसी छात्र को फोन, ई-मेल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का प्रस्ताव मिलता है, तो इसकी जानकारी तत्काल नजदीकी थाना, साइबर थाना या आर्थिक अपराध इकाई को दें। साइबर ठगी और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत EOU, बिहार, पटना के व्हाट्सएप/मोबाइल नंबर 9031829067 पर दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

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कदाचार और पेपर लीक पर होगी कड़ी कार्रवाई

EOU ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में कदाचार, पेपर लीक या किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों के उपयोग पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत दोषियों को 10 वर्ष तक की सजा और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की है।

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