पूर्वी सिंहभूम: पोटका में ब्रेन मलेरिया से 3 स्कूली बच्चों की मौत, एमजीएम अस्पताल में 20 मरीज भर्ती

Meenu | June 28, 2026 | 12:56 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,जमशेदपुर :पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया से तीन स्कूली बच्चों की मौत के बाद जिले में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। शनिवार को राज्य मलेरिया विभाग की टीम प्रभावित गांवों में पहुंची और हालात का जायजा लिया। जांच में छह नए मामलों की पुष्टि हुई, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है।

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एमजीएम अस्पताल में 20 मरीज भर्ती, कई की हालत गंभीर

फिलहाल जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में ब्रेन मलेरिया से पीड़ित 20 मरीज भर्ती हैं। इनमें 15 बच्चों का इलाज शिशु वार्ड में और पांच मरीजों का इलाज मेडिसिन विभाग में चल रहा है। इनमें से पांच बच्चों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। एक ही परिवार के दो बच्चे भी संक्रमित हैं, जिनमें आठ वर्षीय सबोला सरदार की मौत हो चुकी है, जबकि उसकी एक वर्षीय बहन खुशबू सरदार की हालत गंभीर है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।

कई प्रखंडों में फैल रहा संक्रमण

पोटका, डुमरिया, गुड़ाबांधा, पटमदा, चांडिल और चक्रधरपुर सहित कई क्षेत्रों से आए बच्चों का इलाज एमजीएम अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार पिछले एक सप्ताह में दिमागी बुखार जैसे लक्षणों वाले बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ी है। एमजीएम अस्पताल का शिशु वार्ड और पीआईसीयू पूरी तरह भर चुके हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया दौरा

राज्य स्तरीय वेक्टर बोर्न डिजीज कंसल्टेंट विनय कुमार सहित मलेरिया विभाग की टीम ने केजीबीवी विद्यालय, सानग्राम और कांदर समेत प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। टीम ने परिजनों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों को मच्छरदानी के नियमित उपयोग, जलजमाव रोकने और बुखार होने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी है। प्रभावित क्षेत्रों में एंटी लार्वा छिड़काव और घर-घर सर्वे अभियान चलाया जा रहा है।

डॉक्टरों की चेतावनी

चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि शुरुआती बुखार को नजरअंदाज करने से संक्रमण मस्तिष्क तक पहुंच सकता है, जिससे स्थिति जानलेवा हो सकती है। समय पर इलाज से मरीजों के ठीक होने की संभावना अधिक रहती है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बच्चों में तेज बुखार या लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या एमजीएम अस्पताल में इलाज कराएं, झाड़-फूंक से बचें।

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