Samachar Post रिपोर्टर, पाकुड़ : झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की समीक्षा को लेकर पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक की। संथाल परगना दौरे के अंतिम दिन आयोजित इस बैठक में उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उन्होंने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के मतदाताओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
PVTG मतदाताओं को नहीं होनी चाहिए परेशानी
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि PVTG समुदाय से जुड़े मतदाताओं का विवरण पहले से ही प्रखंड स्तर के कार्यालयों में उपलब्ध रहता है। ऐसे में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान उन्हें दस्तावेज जमा करने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र मतदाताओं की सहायता के लिए पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची के निर्माण, दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों से भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन करते हुए कार्य करने को कहा।
नए मतदाताओं के लिए आवेदन का अवसर
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान नए मतदाताओं का पंजीकरण भी किया जाएगा। ऐसे भारतीय नागरिक, जो अभी मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं और 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे निर्धारित अवधि में आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलने वाले एन्यूमरेशन चरण तथा 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान पात्र नागरिक प्रपत्र-6 के माध्यम से आवेदन जमा कर सकेंगे।

एन्यूमरेशन फॉर्म की दो प्रतियां रखने की सलाह
दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने साहिबगंज के बरहरवा और गोड्डा के सुंदरपहाड़ी प्रखंड का भी निरीक्षण किया तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने मतदाताओं को सलाह दी कि एन्यूमरेशन फॉर्म दो प्रतियों में भरें। एक प्रति जमा करें और दूसरी अपने पास सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या आने पर उसका उपयोग किया जा सके। पाकुड़ उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान केवल जाति या निवास प्रमाण पत्र ही अनिवार्य नहीं है। निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 11 प्रकार के दस्तावेजों में से कोई भी एक दस्तावेज प्रस्तुत कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
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अधिकारियों ने लिया बैठक में हिस्सा
बैठक में गोड्डा के जिला निर्वाचन पदाधिकारी लोकेश मिश्रा, पाकुड़ की जिला निर्वाचन पदाधिकारी मेघा भारद्वाज, साहिबगंज के जिला निर्वाचन पदाधिकारी दीपक कुमार दुबे सहित तीनों जिलों के ERO, AERO, उप निर्वाचन पदाधिकारी और निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के समापन पर उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार को भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

