Samachar Post रिपोर्टर, पटना : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार उस पर कुल 1.25 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह हत्या, डकैती, लूट तथा पुलिसकर्मियों पर हमले सहित कई गंभीर मामलों में वांछित था। ललन सिंह के मारे जाने को उत्तर प्रदेश और बिहार पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि वह लंबे समय से दोनों राज्यों की कानून-व्यवस्था एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ था।
सरसावा-नकुड़ मार्ग पर हुई मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक शनिवार देर रात सरसावा-नकुड़ मार्ग पर संदिग्ध अपराधियों की तलाश में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस का दावा है कि खुद को घिरा देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें ललन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसावा ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल सहारनपुर रेफर किया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से एक पिस्टल और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल से उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें अभियान चला रही हैं।
बिहार का रहने वाला था ललन सिंह
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार ललन सिंह बिहार के समस्तीपुर जिले के आनंदगोलवा गांव का निवासी था। उस पर अपने गिरोह के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश और बिहार में कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के आरोप थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह हत्या, डकैती, लूट और हथियारबंद हमलों जैसे मामलों में लंबे समय से फरार चल रहा था और लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था।
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दरोगा हत्याकांड के बाद आया था चर्चा में
ललन सिंह का नाम वर्ष 2022 में उस समय सुर्खियों में आया था, जब वाराणसी में एक सब-इंस्पेक्टर की हत्या और उनकी सरकारी पिस्टल लूटे जाने के मामले में उसका नाम सामने आया था। इसके अलावा चंदौली में हुई गोलीबारी और डकैती की चर्चित घटना में भी वह वांछित आरोपियों में शामिल था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार ललन सिंह और उसके गिरोह पर दो सब-इंस्पेक्टर, एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड समेत सात लोगों की हत्या के आरोप दर्ज थे। इसके अलावा कई अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में भी उसकी तलाश की जा रही थी।
1.25 लाख रुपये का था इनाम
ललन सिंह की गिरफ्तारी के लिए वाराणसी पुलिस ने एक लाख रुपये और चंदौली पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस का मानना है कि उसके मारे जाने से कई पुराने मामलों की जांच को गति मिलेगी और उसके आपराधिक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। फिलहाल पुलिस फरार साथी की तलाश में कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।

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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।

