Samachar Post रिपोर्टर,रांची :मोहर्रम को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इसके तहत 10 हजार से अधिक पुलिस जवान, 6 हजार होमगार्ड और केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल (RAP/RAF सहित) की 7 कंपनियां तैनात की जाएंगी। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। पूरे आयोजन की निगरानी ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से की जाएगी ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
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भड़काऊ गतिविधियों पर सख्त रोक
सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिए गए हैं कि जुलूस के दौरान:
- भड़काऊ गानों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा
- आपत्तिजनक नारेबाजी की अनुमति नहीं होगी
- निर्धारित सीमा से अधिक लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक रहेगी
- सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी
तीन जोन में बंटी सुरक्षा व्यवस्था
सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए राज्य को तीन जोन में बांटा गया है:
- रांची जोन
- पलामू जोन
- हजारीबाग जोन
इन क्षेत्रों को सबसे संवेदनशील माना गया है। पिछले वर्षों में हुई घटनाओं को देखते हुए यहां अतिरिक्त बल तैनात किए जाएंगे। मोहर्रम जुलूस के पूरे रूट की निगरानी ड्रोन और वीडियोग्राफी से की जाएगी। प्रमुख चौक-चौराहों और बाजार क्षेत्रों में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

पिछले वर्षों की घटनाओं से बढ़ी सतर्कता
पुलिस मुख्यालय ने बताया कि पिछले दो वर्षों में मोहर्रम के दौरान कई जिलों में विवाद और तनाव की घटनाएं सामने आई थीं:
- 2024: बड़कागांव (हजारीबाग) में हिंसक झड़प
- धनबाद और जमशेदपुर में तनाव की स्थिति
- 2025: पलामू में विवाद और मारपीट
- कोडरमा में आपत्तिजनक गीत को लेकर कार्रवाई
- गोड्डा और साहिबगंज में भी तनाव
इन घटनाओं के चलते इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
प्रशासन का सख्त संदेश
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक आयोजनों का सम्मान करते हुए कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन, पुलिस, स्पेशल ब्रांच और खुफिया एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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