राज्यसभा टिकट नहीं मिलने पर छलका फुरकान अंसारी का दर्द, बोले- दशकों के संघर्ष और समर्पण को किया गया नजरअंदाज

Rupa Kumari | June 5, 2026

Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। इसी बीच कांग्रेस द्वारा राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में प्रणव झा के नाम की घोषणा के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है। सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के हालिया फैसले से उन्हें गहरी पीड़ा पहुंची है। कांग्रेस ने राज्यसभा की एक सीट के लिए प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया है। उनके नाम की घोषणा के साथ ही उन तमाम अटकलों पर विराम लग गया, जिनमें फुरकान अंसारी सहित कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में थे।

पूरी जिंदगी पार्टी को मजबूत करने में लगा दी

सोशल मीडिया पोस्ट में फुरकान अंसारी ने लिखा कि उन्होंने अपना पूरा राजनीतिक जीवन कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने और पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने में समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी पद की इच्छा नहीं रखी, लेकिन हालिया निर्णय ने उन्हें आहत किया है। उन्होंने लिखा कि दुख इस बात का नहीं है कि उन्हें कोई पद नहीं मिला, बल्कि इस बात का है कि दशकों के संघर्ष, समर्पण और योगदान को नजरअंदाज कर दिया गया। पूर्व सांसद ने कहा कि जिस उम्र में अनुभव और वरिष्ठता का सम्मान होना चाहिए, उस दौर में स्वयं को उपेक्षित महसूस करना बेहद दुखद है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस के सिपाही थे, हैं और आगे भी रहेंगे।

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कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान जरूरी

फुरकान अंसारी ने कहा कि उनकी पीड़ा केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि उन हजारों कार्यकर्ताओं की भावना है जिन्होंने वर्षों तक पार्टी के लिए काम किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में पार्टी नेतृत्व निर्णय लेते समय जमीनी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के योगदान तथा आत्मसम्मान का ध्यान रखेगा। राज्यसभा उम्मीदवार की घोषणा के बाद फुरकान अंसारी की यह प्रतिक्रिया झारखंड कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे रही है।

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