जामताड़ा में वार्ड पार्षद पर वृद्धा पेंशन लेने का आरोप, पात्रता और निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

Rupa Kumari | June 9, 2026 | 12:58 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर जामताड़ा में एक नया विवाद सामने आया है। नगर पंचायत के वार्ड संख्या-9 की निर्विरोध निर्वाचित वार्ड पार्षद जयंती दत्ता पर वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेने का आरोप लगा है। मामले के सामने आने के बाद योजना की पात्रता जांच और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि जयंती दत्ता को पिछले कुछ समय से वृद्धा पेंशन का लाभ मिल रहा है। आरोप है कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उनके खाते में पेंशन राशि का भुगतान जारी रहा, जिससे सरकारी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर प्रश्न खड़े हो गए हैं।

पात्रता को लेकर उठ रहे सवाल

जानकारी के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर, निराश्रित और जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए संचालित की जाती हैं। नियमों के तहत ऐसे लोगों को प्राथमिकता दी जाती है जिनके पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं होता। मामले में यह सवाल उठ रहा है कि यदि कोई निर्वाचित जनप्रतिनिधि सरकारी मानदेय या अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त कर रहा है, तो उसकी पात्रता का निर्धारण किस आधार पर किया गया और पेंशन स्वीकृति प्रक्रिया में किन स्तरों पर जांच की गई।

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जांच प्रक्रिया पर भी चर्चा

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में लाभुकों के चयन के लिए विभिन्न स्तरों पर सत्यापन और अनुमोदन की प्रक्रिया अपनाई जाती है। ऐसे में एक निर्वाचित प्रतिनिधि के नाम पर पेंशन स्वीकृत होने की खबर ने प्रशासनिक निगरानी और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया को लेकर बहस छेड़ दी है। स्थानीय स्तर पर लोग यह जानना चाहते हैं कि आवेदन की जांच के दौरान पात्रता संबंधी तथ्यों का सत्यापन कैसे किया गया और यदि कोई त्रुटि हुई है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।

प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन

मामले को लेकर जामताड़ा के अंचलाधिकारी (सीओ) अवेश्वर मुर्मू ने कहा कि प्रकरण की जानकारी मिलने के बाद आवश्यक तथ्यों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पारदर्शिता की मांग

मामले के सामने आने के बाद सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पारदर्शिता और पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि जरूरतमंदों के लिए संचालित योजनाओं में पात्रता की नियमित समीक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।

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