जामताड़ा-आसनसोल रेलखंड पर सुरक्षा को लेकर चिंता, कई स्लीपर क्षतिग्रस्त होने का दावा

Rupa Kumari | June 8, 2026

Samachar Post रिपोर्टर, जामताड़ा : जामताड़ा-आसनसोल मुख्य रेलखंड पर रेलवे ट्रैक की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। मिहिजाम नगर के कानगोई क्षेत्र में पोल संख्या 235/30 के पास रेलवे लाइन के नीचे लगे दर्जन भर से अधिक कंक्रीट स्लीपरों के टूटे होने का दावा किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो यह स्थिति किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

व्यस्त रेल मार्ग पर बढ़ी चिंता

जामताड़ा-आसनसोल रेलखंड पूर्वी भारत के महत्वपूर्ण और व्यस्त रेल मार्गों में गिना जाता है। इस रूट से प्रतिदिन एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और मालगाड़ियों का आवागमन होता है। ऐसे में ट्रैक को मजबूती देने वाले स्लीपरों के क्षतिग्रस्त होने की खबर ने यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है।

स्लीपरों की भूमिका अहम

रेलवे ट्रैक में कंक्रीट स्लीपर पटरियों को स्थिरता और मजबूती प्रदान करते हैं। इनके क्षतिग्रस्त होने से ट्रैक पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। हालांकि किसी तकनीकी निरीक्षण रिपोर्ट के बिना यह कहना जल्दबाजी होगी कि तत्काल दुर्घटना का खतरा है, लेकिन ऐसे मामलों में त्वरित जांच और मरम्मत आवश्यक मानी जाती है। स्थानीय नागरिकों और यात्रियों का आरोप है कि क्षतिग्रस्त स्लीपरों की स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक प्रभावी मरम्मत कार्य नहीं किया गया। लोगों ने रेल प्रशासन से तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

यह भी पढ़ें: शादी की तैयारियों के बीच युवक की संदिग्ध मौत, बहन को भेजा था आखिरी संदेश

रेलवे की प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल इस मामले में रेलवे प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि स्लीपर वास्तव में क्षतिग्रस्त पाए जाते हैं, तो रेलवे सुरक्षा मानकों के तहत मरम्मत और ट्रैक निरीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। रेल सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी ट्रैक संबंधी शिकायत की तकनीकी जांच अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। जांच के बाद ही वास्तविक जोखिम का आकलन किया जा सकता है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मामले की शीघ्र जांच और आवश्यक कदम उठाए जाने की अपेक्षा की जा रही है।

Share this news

संबंधित खबरें