Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाया है। पार्टी के सभी विधायकों को दिल्ली ले जाने का फैसला किया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भी विधायकों के साथ दिल्ली जाएंगे, जहां वे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात करेंगे। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में होने वाली इस बैठक में झारखंड के मौजूदा राजनीतिक हालात, राज्यसभा चुनाव की रणनीति और हालिया घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
परिमल नाथवानी के नामांकन के बाद लिया गया फैसला
बताया जा रहा है कि भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन को वैध घोषित किए जाने के बाद कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है। चुनाव अधिकारी द्वारा नामांकन पर दर्ज सभी आपत्तियों को खारिज करने के बाद राज्य की राजनीति और गरमा गई है। कांग्रेस का आरोप है कि उसकी ओर से उठाए गए तकनीकी और कानूनी सवालों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, जबकि चुनाव अधिकारी ने सभी आपत्तियों को निरस्त कर नामांकन को मंजूरी दे दी।
विधानसभा परिसर में कांग्रेस का प्रदर्शन
बुधवार को कांग्रेस विधायकों और नेताओं ने विधानसभा परिसर में परिमल नाथवानी का नामांकन रद्द करने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाते हुए निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। मामले को लेकर कांग्रेस आलाकमान ने वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद को भी रांची भेजा था। उन्होंने विधानसभा पहुंचकर पार्टी नेताओं से चर्चा की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस ने भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग की कोशिश करने का आरोप लगाया है। साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत हुई है और आपत्तियों में कोई ठोस आधार नहीं था।

निर्वाचन आयोग पर भी साधा निशाना
कांग्रेस नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर चुनाव अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि इसी तरह फैसले लिए जाएंगे तो निर्वाचन कार्यालय के बाहर भाजपा का बोर्ड लगा देना चाहिए। हालांकि निर्वाचन अधिकारियों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह भी पढ़ें: Breaking: राज्यसभा चुनावी हलचल के बीच दिल्ली रवाना हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, नीति आयोग की बैठक में लेंगे हिस्सा
राज्यसभा चुनाव पर टिकी राजनीतिक नजरें
परिमल नाथवानी के नामांकन विवाद के बाद झारखंड का राज्यसभा चुनाव और दिलचस्प हो गया है। अब कांग्रेस अपने विधायकों के साथ दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से चर्चा कर आगे की रणनीति तय करेगी। आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियों और दलों की गोलबंदी में और तेजी आने की संभावना है।

Reporter | Samachar Post
मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।
