चाईबासा सदर अस्पताल में बड़ी लापरवाही का आरोप, मरीज को गलत ब्लड चढ़ाने से मचा हड़कंप

Meenu | June 19, 2026 | 12:17 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर,चाईबासा :पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा सदर अस्पताल में इलाज के दौरान कथित तौर पर मरीज को गलत ब्लड ग्रुप चढ़ाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और परिजनों के बीच चिंता का माहौल बन गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं और पूरे प्रकरण की पड़ताल शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार मरीज को ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान रक्त चढ़ाया जा रहा था। इसी दौरान ब्लड ग्रुप को लेकर गड़बड़ी सामने आने की बात कही जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल कर्मी सक्रिय हुए और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति पर विशेष निगरानी रखी गई। फिलहाल मरीज की हालत को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

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परिजनों में नाराजगी, अस्पताल में तनाव का माहौल

मरीज को गलत ब्लड चढ़ाने की सूचना मिलते ही परिजनों में चिंता और आक्रोश दोनों देखने को मिला। कुछ समय के लिए अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। परिजनों और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि ब्लड ट्रांसफ्यूजन जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में इतनी बड़ी चूक कैसे हो सकती है। लोगों का कहना है कि ऐसी लापरवाही मरीज की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

जांच के लिए गठित की गई कमेटी

मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल एक जांच कमेटी का गठन किया है। जांच टीम यह पता लगाएगी कि त्रुटि किस स्तर पर हुई। जांच के दायरे में ब्लड सैंपल की जांच प्रक्रिया, ब्लड ग्रुप मिलान और ट्रांसफ्यूजन की पूरी प्रक्रिया को शामिल किया गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि किसी कर्मचारी, तकनीकी प्रक्रिया या अन्य स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अस्पताल की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और ऐसी गंभीर घटनाएं स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था और जिम्मेदारी किसकी है।

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