Samachar Post रिपोर्टर, रांची : झारखंड के करीब 11 हजार नवनियुक्त सहायक आचार्यों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 31 मई 2026 तक सभी नवनियुक्त शिक्षकों को वेतन भुगतान करने का निर्णय लिया है। करीब नौ महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे शिक्षकों को अब जल्द भुगतान मिलने की उम्मीद है।
वेतन में देरी पर मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी
मंगलवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से सवाल किया कि नियुक्ति के नौ महीने बाद भी सहायक आचार्यों को वेतन क्यों नहीं मिला। अधिकारियों ने सर्टिफिकेट जांच प्रक्रिया में देरी को वजह बताया, जिस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रमाणपत्र जांच विभाग की आंतरिक प्रक्रिया है और इसकी वजह से कार्यरत शिक्षकों का वेतन नहीं रोका जाना चाहिए।
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फर्जी प्रमाणपत्र मिलने पर होगी कार्रवाई
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने भी मुख्यमंत्री के निर्देश का समर्थन करते हुए कहा कि सर्टिफिकेट जांच की प्रक्रिया जारी रहेगी, लेकिन वेतन भुगतान में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी शिक्षक का प्रमाणपत्र फर्जी पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अब तक दिए गए वेतन की राशि की वसूली भी की जाएगी।
JAC को 30 मई तक जांच पूरी करने का निर्देश
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) को 30 मई तक सभी सहायक आचार्यों के प्रमाणपत्रों की जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। विभाग का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद 31 मई तक सभी पात्र सहायक आचार्यों के बैंक खातों में वेतन भेज दिया जाएगा।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।