Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड सरकार ने राज्य में बिना नक्शा पास कराए बने भवनों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए गुरुवार को नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने Building Plan Approval Management System (BPAMS) पोर्टल लॉन्च किया। इस नई व्यवस्था के तहत लोग अगले 60 दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर अपने अवैध निर्माण को वैध कराने का अवसर पा सकेंगे। सरकार ने इस कदम को उन लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत बताया है, जो लंबे समय से अपने मकानों की वैधता को लेकर परेशान थे। झारखंड में झारखंड रेगुलराइजेशन ऑफ अनऑथराइज्ड कंस्ट्रक्टेड बिल्डिंग रूल्स 2026 को मंजूरी मिलने के बाद यह प्रक्रिया शुरू की गई है।
करीब 7 लाख भवन दायरे में
नगर विकास विभाग के अनुसार राज्य में लगभग 7 लाख ऐसे भवन हैं, जो बिना स्वीकृत नक्शे के बनाए गए हैं। इस योजना से बड़ी संख्या में लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि यह एक सीमित समय का अवसर है, जिसे “आखिरी मौका” के तौर पर देखा जा रहा है। आवेदन मिलने के बाद जांच प्रक्रिया पूरी की जाएगी और लगभग 6 महीने के भीतर नियमितीकरण पर निर्णय लिया जाएगा।
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किन भवनों को मिलेगा लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ सभी अवैध निर्माणों को नहीं मिलेगा। इसके दायरे में वे भवन आएंगे जो अधिकतम 300 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बने हों ग्राउंड प्लस टू (G+2) तक की संरचना हो ऊंचाई 10 मीटर से अधिक न हो इसके लिए निर्धारित शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा।
किन मामलों को नहीं मिलेगी राहत
कई श्रेणियों के भवन इस योजना से बाहर रखे गए हैं। इनमें शामिल हैं सरकारी या सार्वजनिक जमीन पर बने निर्माण
झारखंड आवास बोर्ड, औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण, स्थानीय निकाय या वक्फ बोर्ड की जमीन पर बने भवन जलग्रहण क्षेत्र, पार्किंग या टैंक बेड जैसी आरक्षित भूमि पर निर्माण, CNT/SPT कानून के उल्लंघन वाली जमीन पर बने भवन किसी भी कानूनी विवाद या मुकदमे में शामिल संपत्तियां इस निर्णय का झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित कई व्यापारिक संगठनों ने स्वागत किया है। चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने इसे लंबे समय से लंबित मांग का पूरा होना बताया। वहीं पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री ने कहा कि इससे आम लोगों और व्यापारियों दोनों को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार का कहना है कि यह योजना लोगों को अपने भवनों को कानूनी दायरे में लाने का अंतिम अवसर दे रही है, इसलिए समय रहते आवेदन करना जरूरी है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।