Samachar Post रिपोर्टर, रांची :रांची में झारखंड के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए पोस्ट में उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की चुनावी सफलता किसी “मेहरबानी” का नतीजा नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष और कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है।
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“बंगाल की जमीनी हकीकत नहीं समझते विपक्षी दल”
मरांडी ने उन राजनीतिक दलों को जवाब दिया जो भाजपा की चुनावी बढ़त को चुनाव आयोग या मशीनरी की देन बताते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग इसे “गिफ्ट” कहते हैं, वे बंगाल की वास्तविक राजनीतिक परिस्थितियों को नहीं समझते। उन्होंने अपने बयान में वामपंथी शासन के 34 साल और TMC के 15 साल के शासन को “दमन, डर और हिंसा का दौर” बताया।
“कार्यकर्ताओं ने खून-पसीने से मजबूत किया संगठन”
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की राजनीतिक यात्रा बेहद कठिन रही है। उन्होंने दावा किया कि कई भाजपा कार्यकर्ताओं को फर्जी मुकदमों, जेल और सामाजिक बहिष्कार जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने का काम जारी रखा और पार्टी धीरे-धीरे राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करती गई।
2011 से 2026 तक के सफर का किया जिक्र
मरांडी ने अपने बयान में भाजपा के चुनावी सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी ने बेहद कम सीटों से शुरुआत की थी, लेकिन लगातार संघर्ष और संगठन विस्तार के जरिए बड़े स्तर पर सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि यह सफलता उन कार्यकर्ताओं के बलिदान और संघर्ष की देन है जिन्होंने कठिन हालात में भी हार नहीं मानी।
EVM और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वालों पर तंज
अपने बयान के अंत में मरांडी ने विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग चुनाव आयोग या EVM पर सवाल उठाते हैं, उन्हें पहले बंगाल की राजनीतिक परिस्थितियों को समझना चाहिए।
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