Samachar Post रिपोर्टर, बोकारो : बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड से एक बेहद मार्मिक मामला सामने आया है। सड़क हादसे में पहले पिता की मौत हुई, जबकि इलाज के दौरान मां ने भी रिम्स में दम तोड़ दिया। हादसे के बाद तीन मासूम बच्चे पूरी तरह अनाथ हो गए। जानकारी के अनुसार, सड़क दुर्घटना में सपन मांझी की मौत हो गई थी। वहीं गंभीर रूप से घायल उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी का इलाज रांची स्थित रिम्स में चल रहा था, जहां उन्होंने भी देर रात दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। तीनों बच्चों की स्थिति देखकर स्थानीय लोग भी भावुक हो उठे।
सोशल मीडिया पर उठी मदद की मांग
मामले की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए सामने आने के बाद लोगों ने बच्चों की मदद की अपील शुरू की। इसके बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने बोकारो जिला प्रशासन को बच्चों को तत्काल राहत और सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
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डीसी खुद कर रहे मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। बोकारो डीसी ने जानकारी दी कि बीडीओ और सीओ को बच्चों के घर भेजा गया है। प्रशासन की ओर से बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। डीसी ने कहा कि पूरे मामले की निगरानी वह स्वयं कर रहे हैं।
मुआवजे का वादा भी अधूरा
यह हादसा बरमसिया ओपी क्षेत्र के दुबेकांटा के पास हुआ था। बताया जा रहा है कि दुर्घटना में शामिल वाहन मालिक ने पहले 50 हजार रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में वह अपने वादे से पीछे हट गया। फिलहाल मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन बच्चों की हरसंभव मदद में जुट गया है।
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मैंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर मेरा अनुभव फिलहाल एक साल से कम है। सामाचार पोस्ट मीडिया के साथ जुड़कर स्टाफ रिपोर्टर के रूप में काम कर रही हूं।