Samachar Post रिपोर्टर, रांची :1 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली प्रशांत बोस की 3 अप्रैल को होटवार जेल में मौत हो गई। रविवार को उनके शव को लेने के लिए एक शख्स फर्जी रिश्तेदार बनकर पहुंचा, लेकिन सत्यापन के दौरान वह अचानक गायब हो गया। जेल प्रशासन के अनुसार, शख्स ने खुद को पश्चिम बंगाल का निवासी बताया और कहा कि प्रशांत बोस के बड़े भाई ने उसे शव लेने के लिए भेजा है। उसने प्रशासन को एक पत्र भी सौंपा। जब उससे रिश्ते का प्रमाण मांगा गया, तो उसने खुद को “दूर का रिश्तेदार” बताया और बड़े भाई की तबीयत खराब होने का हवाला दिया। प्रशासन ने संशय होने पर एसडीएम से सत्यापन कराने का निर्देश दिया और स्पष्ट किया कि शव केवल सत्यापन के बाद ही सौंपा जाएगा। शख्स सत्यापन के बाद जेल से चला गया और वापस नहीं लौटा। अब तक प्रशांत बोस का शव लेने कोई नहीं आया।
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पत्नी की मांग
प्रशांत बोस की पत्नी शीला मरांडी ने प्रशासन से पत्र के जरिए अंतिम दर्शन कराने और सरकारी मदद से अंतिम संस्कार करने की मांग की है। प्रशासन ने 72 घंटे का समय तय किया है। यदि इस अवधि में कोई दावेदार नहीं आता है, तो शव का सरकारी तौर पर अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।
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