नेतरहाट स्कूल मामले में हाईकोर्ट सख्त, प्रशासनिक अधिकारी पर ₹25 हजार का जुर्माना

Rupa Kumari | April 20, 2026 | 02:29 PM IST

Samachar Post रिपोर्टर, रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने नेतरहाट आवासीय विद्यालय के गिरते शैक्षणिक स्तर से जुड़े मामले में सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस  एम. एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारी की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कड़ी टिप्पणी की।

प्रशासनिक अधिकारी पर जुर्माना

कोर्ट ने नेतरहाट विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी रोशन कुमार बख्शी की ओर से दायर इंटरलोक्यूटरी एप्लिकेशन (IA) को खारिज कर दिया। साथ ही उन पर ₹25,000 का आर्थिक दंड लगाया गया। अदालत ने निर्देश दिया कि यह राशि वे स्वयं अपने खर्च से 10 दिनों के भीतर बरियातू स्थित ब्रजकिशोर नेत्रहीन बालिका विद्यालय में जमा करें।

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कोर्ट के आदेश में बाधा पर नाराजगी

सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने कहा कि अदालत के आदेशों को लागू होने से रोकने की कोशिश की जा रही है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि एडहॉक कमेटी की बैठक को जानबूझकर टालने का प्रयास किया गया। तकनीकी कारणों का हवाला देकर आदेशों को रोकना स्वीकार्य नहीं है।

नई नियुक्ति और बैठक का निर्देश

अस्थायी कार्यकारिणी समिति के सभापति अशोक कुमार सिन्हा के अस्वस्थ होने पर कोर्ट ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और नेतरहाट विद्यालय के पूर्व छात्र राजकुमार को नया सभापति नियुक्त किया। साथ ही 2 मई को सुबह 11 बजे एडहॉक कमेटी की बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। यह मामला केदारनाथ लाल दास द्वारा दायर जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें नेतरहाट आवासीय विद्यालय के गौरवशाली शैक्षणिक स्तर को फिर से बहाल करने की मांग की गई है। कोर्ट की सख्ती के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि नेतरहाट आवासीय विद्यालय के प्रशासनिक ढांचे और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। यह मामला राज्य में शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

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